July 24, 2026 12:23 pm

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CHANDIGARH में VIP नंबरों का जबरदस्त क्रेज, “0003” के लिए लगी 37.63 लाख की बोली

रमेश गोयत
चंडीगढ़, 1 जून। सिटी ब्यूटीफुल में वीआईपी और फैंसी वाहन नंबरों का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है। नई गाड़ियों के साथ खास नंबर लेने की होड़ अब इतनी बढ़ चुकी है कि लोग अपनी पसंद के नंबर के लिए लाखों रुपये तक खर्च करने को तैयार हैं। इसका ताजा उदाहरण पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण, यूटी चंडीगढ़ द्वारा आयोजित नई सीरीज़ “CH01-DE” की ई-नीलामी में देखने को मिला, जहां केवल तीन दिनों में करोड़ों रुपये की बोली लगी और प्रशासन को 4 करोड़ 13 लाख 71 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
प्राधिकरण की ओर से नई सीरीज़ “CH01-DE” के वाहन पंजीकरण नंबरों, जिनमें फैंसी और चॉइस नंबर 0001 से 9999 तक शामिल थे, की ई-नीलामी 30 मई से 1 जून 2026 तक आयोजित की गई। इसके साथ ही पिछली सीरीज़ के बचे हुए फैंसी और विशेष नंबरों को भी नीलामी में शामिल किया गया। ई-ऑक्शन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई ताकि लोग घर बैठे ही अपनी पसंद के नंबर के लिए बोली लगा सकें।
इस ई-नीलामी में कुल 683 वाहन पंजीकरण नंबरों की सफल बोली लगी। सबसे अधिक चर्चा “CH01-DE-0003” नंबर की रही, जिसके लिए 37 लाख 63 हजार रुपये की रिकॉर्ड बोली लगी। यह नंबर पूरी नीलामी का सबसे महंगा नंबर साबित हुआ। इसके अलावा “CH01-DE-0001” नंबर 23 लाख 55 हजार रुपये में नीलाम हुआ और दूसरा सबसे महंगा नंबर बना।
फैंसी नंबरों को लेकर शहर में बढ़ते क्रेज का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई लोग अपनी लग्जरी और हाई-एंड गाड़ियों के लिए विशेष नंबर पाने हेतु बड़ी रकम खर्च कर रहे हैं। कारोबारी, उद्योगपति, रियल एस्टेट कारोबारी और युवा वर्ग में वीआईपी नंबरों का विशेष आकर्षण देखा जा रहा है। खास नंबरों को लोग अब केवल पहचान नहीं बल्कि स्टेटस सिंबल के रूप में भी देखने लगे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, चंडीगढ़ में हर नई सीरीज़ के जारी होने के साथ फैंसी नंबरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि प्रशासन को ई-नीलामी से हर बार करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है। प्रशासन का कहना है कि पूरी नीलामी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की गई और ऑनलाइन सिस्टम के जरिए बोली प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला ट्राइसिटी क्षेत्र में लग्जरी वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ फैंसी नंबरों की मांग भी लगातार बढ़ रही है। खासकर 0001, 0003, 0007, 9999 और अन्य विशेष अंकों वाले नंबरों के लिए हर बार कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, आने वाले समय में नई सीरीज़ की नीलामी में भी इसी तरह लोगों की भारी भागीदारी देखने को मिल सकती है। फैंसी नंबरों के प्रति लोगों का आकर्षण अब केवल शौक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रतिष्ठा और पहचान का प्रतीक बन चुका है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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