September 20, 2026 12:19 am

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भारतीय शेयर बाजार कमजोर शुरुआत के साथ खुले, सेंसेक्स–निफ्टी में गिरावट

निवेशकों में सतर्कता, आईटी और बैंकिंग शेयरों पर दबाव
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को कमजोरी के साथ खुले. वैश्विक संकेतों में अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता के चलते शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों पर दबाव देखने को मिला. बीएसई सेंसेक्स 70.40 अंक टूटकर 84,890.74 के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 36.50 अंक की गिरावट के साथ 26,104.25 पर कारोबार करता नजर आया.

कमजोर वैश्विक संकेतों, मुनाफावसूली और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के माहौल में गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई. शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुख सतर्क नजर आया, जिसका सीधा असर प्रमुख शेयर सूचकांकों पर देखने को मिला.
सुबह 9:23 बजे तक 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 108 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 84,852 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 46 अंक या 0.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,094 पर पहुंच गया.

मिडकैप–स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी
विस्तृत बाजार में भी कमजोरी का रुख देखने को मिला. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.32 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इससे साफ है कि बड़े शेयरों के साथ-साथ मझोले और छोटे शेयरों पर भी दबाव बना हुआ है.

किन शेयरों में दिखी मजबूती
निफ्टी पैक में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली और ये शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे. हालांकि, इन चुनिंदा शेयरों की मजबूती बाजार की समग्र गिरावट को संभालने के लिए नाकाफी रही.
सेक्टरवार स्थिति
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए.
निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे ज्यादा नुकसान में रहा और इसमें 1.27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई
बैंकिंग, आईटी और ऑटो शेयरों में भी दबाव

रक्षात्मक सेक्टरों में सीमित खरीदारी
तकनीकी संकेत क्या कहते हैं
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 26,000 से 26,050 का स्तर तत्काल सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है, जबकि ऊपरी स्तर पर 26,250 से 26,300 के बीच रेजिस्टेंस देखने को मिल रहा है.
हालांकि अल्पकालिक कमजोरी के बावजूद बाजार का व्यापक रुझान अभी भी सकारात्मक बना हुआ है. दैनिक चार्ट पर ‘हायर टॉप्स और हायर बॉटम्स’ का पैटर्न बना हुआ है, जो मध्यम अवधि में तेजी के संकेत देता है.

एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला. वॉल स्ट्रीट में आई गिरावट और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से बढ़े भू-राजनीतिक तनाव का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा.
चीन का शंघाई इंडेक्स 0.09 प्रतिशत चढ़ा
शेनझेन 0.20 प्रतिशत फिसला
जापान का निक्केई 0.96 प्रतिशत गिरा
हांगकांग का हैंगसेंग 1.26 प्रतिशत टूटा
दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ
अमेरिकी बाजारों में भी ज्यादातर सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए.
डाउ जोंस 0.94 प्रतिशत गिरा
एसएंडपी 500 में 0.34 प्रतिशत की कमजोरी
हालांकि नैस्डैक 0.16 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ

निवेशकों के आंकड़ों की बात करें तो 5 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 1,528 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,889 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला.

डिस्क्लेमर: यह समाचार केवल सूचना के उद्देश्य से है. शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है, निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें.

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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