बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
कैथल,13 जून। जिले के आरोही आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ग्योंग में कार्यरत हिंदी प्राध्यापक एवं राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डॉ. विजय कुमार चावला ने निरंतर सीखने और स्वयं को अद्यतन रखने की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने भारत सरकार के दीक्षा पोर्टल पर 100 ऑनलाइन पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण कर शतकीय उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है।
डॉ. चावला ने अपना 100वां ऑनलाइन पाठ्यक्रम केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी), नई दिल्ली द्वारा आयोजित “बच्चों के विरुद्ध ऑनलाइन हिंसा” विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में पूरा किया। इस पाठ्यक्रम में उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अंतिम मूल्यांकन में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए।

उन्होंने बताया कि आठ घंटे की अवधि वाले इस पाठ्यक्रम में बच्चों के विरुद्ध ऑनलाइन हिंसा, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन ग्रूमिंग, गोपनीयता उल्लंघन, डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम तथा बाल संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को डिजिटल युग में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक ज्ञान एवं कौशल प्रदान करना था।
डॉ. चावला ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के बीच बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। बच्चों को सुरक्षित और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक करना, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करना, सोशल मीडिया की गोपनीयता सेटिंग्स को सही ढंग से अपनाना तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी समय पर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम से यह भी सीख मिली कि बच्चों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, फोटो अथवा वीडियो अनजान लोगों के साथ साझा नहीं करने चाहिए। साथ ही अजनबियों की मित्रता स्वीकार करने से बचना चाहिए और साइबर बुलिंग या किसी भी प्रकार की ऑनलाइन हिंसा को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जागरूकता, सतर्कता और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार के माध्यम से ही बच्चों के लिए सुरक्षित और सकारात्मक ऑनलाइन वातावरण तैयार किया जा सकता है।
डॉ. विजय कुमार चावला की यह उपलब्धि शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है। उनके द्वारा 100 ऑनलाइन पाठ्यक्रम पूर्ण करना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह शिक्षकों के लिए आजीवन सीखने और स्वयं को समयानुकूल विकसित करने का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है। उनकी इस सफलता से विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों तथा पूरे शिक्षा समुदाय में गर्व और उत्साह का माहौल है।













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