केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने की चंडीगढ़ के प्रदर्शन की सराहना, जल्द होगा सम्मान समारोह
रमेश गोयत
चंडीगढ़, 16 जून। इंडियास्किल्स राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2025–26 में चंडीगढ़ के युवाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण, एक रजत और तीन मेडेलियन फॉर एक्सीलेंस सहित कुल पांच पदक अपने नाम किए हैं। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री Jayant Chaudhary ने चंडीगढ़ के प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और प्रशासन की सराहना की है।
केंद्रीय मंत्री ने यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक Gulab Chand Kataria को भेजे पत्र में कहा कि चंडीगढ़ के प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने इस सफलता के लिए चंडीगढ़ प्रशासन, प्रशिक्षण संस्थानों, प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों के सामूहिक प्रयासों की प्रशंसा की।
इंडियास्किल्स राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2025–26 का आयोजन 29 मार्च से 2 अप्रैल 2026 तक किया गया था। देशभर से 63 विभिन्न कौशल श्रेणियों में 650 से अधिक प्रतिभागियों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया। यह प्रतियोगिता तकनीकी दक्षता, नवाचार और पेशेवर कौशल को बढ़ावा देने का देश का प्रमुख मंच है। साथ ही यह प्रतियोगिता आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, विशेष रूप से वर्ल्ड स्किल्स 2026 के लिए प्रतिभाओं के चयन का आधार भी बनती है।
चंडीगढ़ से कुल 12 प्रतिभागियों ने विभिन्न कौशल श्रेणियों में हिस्सा लिया। इनमें से पांच प्रतिभागियों ने पदक जीतकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
चंडीगढ़ के पदक विजेता
साहिल गर्ग – वेब टेक्नोलॉजीज में स्वर्ण पदक
अमन शुक्ला – विजुअल मर्चेंडाइजिंग में रजत पदक
फरमान खान – क्लाउड कंप्यूटिंग में मेडेलियन फॉर एक्सीलेंस
गीतांश कोच्छड़ – होटल रिसेप्शन में मेडेलियन फॉर एक्सीलेंस
भुवन शर्मा – बेकरी में मेडेलियन फॉर एक्सीलेंस
यूटी प्रशासक Gulab Chand Kataria ने सभी विजेता प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और संस्थानों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता युवाओं की प्रतिभा, समर्पण और कठिन परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन कौशल विकास के क्षेत्र में लगातार बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने घोषणा की कि चंडीगढ़ प्रशासन शीघ्र ही सभी पांच पदक विजेताओं को सम्मानित करने के लिए एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित करेगा, ताकि उनकी उपलब्धियों को सार्वजनिक रूप से मान्यता दी जा सके और अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिल सके।
प्रशासन ने दोहराया कि कौशल विकास कार्यक्रमों को और मजबूत बनाने, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा युवाओं को उभरते क्षेत्रों में अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। इसका उद्देश्य एक कुशल, प्रतिस्पर्धी और भविष्य के लिए तैयार भारत के निर्माण में योगदान देना है।














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