April 9, 2026 7:15 pm

April 9, 2026 7:15 pm

CHANDIGARH: VB-G RAM G विधेयक 2025: ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम

चंडीगढ़, 8 जनवरी — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन–ग्रामीण) विधेयक 2025 का संसद से पारित होना ग्रामीण भारत के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय बताया गया है। यह नया अधिनियम मनरेगा का स्थान लेते हुए ग्रामीण विकास को नई गति देगा, भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाएगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करेगा।
इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी, चंडीगढ़ प्रदेश द्वारा आज प्रदेश कार्यालय कमलम, सेक्टर-33 में VB-G RAM G जन-जागरण अभियान को लेकर एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा, प्रदेश महामंत्री रामवीर भट्टी, संजीव राणा, कार्यक्रम के संयोजक प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश पंचाल, सह-संयोजक मनीष शर्मा, अमनदीप सिंह और संजय पुरी उपस्थित रहे।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल इस ऐतिहासिक अधिनियम को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि यह कानून मजदूरों, किसानों और ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लाया गया है।
100 से बढ़कर 125 दिन की रोजगार गारंटी
नए अधिनियम के तहत रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय, आजीविका और परिसंपत्ति निर्माण को सशक्त आधार मिलेगा। यदि निर्धारित समय में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ते के प्रावधान को और अधिक मजबूत किया गया है। वहीं, मजदूरी भुगतान में देरी की स्थिति में अतिरिक्त राशि देने का भी प्रावधान किया गया है, ताकि श्रमिकों के हित पूरी तरह सुरक्षित रहें।
ग्राम पंचायतों को सशक्त भूमिका
विपक्ष द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि योजनाएं केंद्र से थोप दी जाएंगी, जबकि वास्तविकता यह है कि ग्राम सभा और ग्राम पंचायतें ही अपने गांव के विकास की योजना तैयार करेंगी। परिवारों का पंजीकरण, रोजगार गारंटी कार्ड जारी करना, कार्य हेतु आवेदन लेना और योजनाओं का निर्माण—ये सभी जिम्मेदारियां ग्राम पंचायतों की होंगी। अधिनियम के तहत कम से कम 50 प्रतिशत कार्य सीधे ग्राम पंचायतों द्वारा कराए जाएंगे।
जल संरक्षण, अधोसंरचना और आजीविका पर फोकस
योजना के अंतर्गत तालाब, चेक डैम, स्टॉप डैम, स्कूल व आंगनबाड़ी के बाद सड़क, नाली, शेड और अन्य आवश्यक ढांचे का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही गरीब परिवारों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और गांव लौटे प्रवासी श्रमिकों के लिए आजीविका से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। उद्देश्य है—जल सुरक्षा सुनिश्चित करना, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, रोजगार और आय बढ़ाना तथा गांवों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित बनाना।
स्व-सहायता समूहों की बहनों के लिए विशेष प्रावधान
सरकार ने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किए हैं, ताकि उन्हें गांव में ही आजीविका के अवसर मिल सकें और वे आत्मनिर्भर बनें। इसके लिए विभिन्न केंद्रीय योजनाओं और वित्तीय सहायता का लाभ दिया जाएगा।
कृषि कार्यों को ध्यान में रखकर लचीलापन
खेती की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह प्रावधान किया गया है कि बुवाई और कटाई के समय, जब कृषि कार्यों में मजदूरों की अधिक जरूरत होती है, तब राज्य सरकार वर्ष में अधिकतम 60 दिनों तक योजना के कार्यों को स्थगित कर सकती है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित न हों।
पारदर्शिता और तकनीक से फर्जीवाड़े पर रोक
ग्राम रोजगार सहायक, मैनेजमेंट असिस्टेंट और तकनीकी सहायकों की भूमिका को और सशक्त किया गया है। प्रशासनिक खर्च को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, जिससे प्रशिक्षण, निगरानी और समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा। सभी कार्यों का सोशल ऑडिट अनिवार्य होगा। साथ ही बायोमेट्रिक उपस्थिति, GIS आधारित जांच, मोबाइल ऐप, डैशबोर्ड और साप्ताहिक सार्वजनिक सूचना जैसी आधुनिक तकनीकों से पारदर्शिता बढ़ेगी और गड़बड़ी पर प्रभावी रोक लगेगी।
प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने कहा कि यह अधिनियम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित गांव और ग्राम स्वराज के संकल्प को साकार करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ प्रदेश द्वारा सभी जिलों, मंडलों और बूथ स्तर पर VB-G RAM G जन-जागरण अभियान के तहत कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि आम जनता को विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन की सही जानकारी दी जा सके।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

2 9 3 9 4 0
Total Users : 293940
Total views : 497361

शहर चुनें