June 21, 2026 5:47 pm

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HARYANA: नीव पोर्टल से शिक्षा संस्थानों में नीति अनुपालन और गुणवत्ता में होगा सुधार: CM नायब सिंह सैनी

ज्ञान सेतु’ पहल के तहत 28 प्रतिष्ठित संस्थानों से एमओयू, रिसर्च और इम्पैक्ट इवैल्यूएशन को मिलेगा बढ़ावा

चंडीगढ़, 8 जनवरी।। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने देश की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने की स्पष्ट दिशा दी है, लेकिन किसी भी नीति की सफलता उसके प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने नीव पोर्टल विकसित किया है, जो एक इंटेलिजेंट और डेटा-ड्रिवन डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के रूप में कार्य करेगा।
पंचकूला में आयोजित एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नीव पोर्टल नीति निर्माण और संस्थागत क्रियान्वयन के बीच की दूरी को समाप्त करेगा। यह पोर्टल रियल-टाइम डेटा, प्रदर्शन संकेतकों और भविष्यसूचक विश्लेषण के माध्यम से शिक्षा संस्थानों की निरंतर निगरानी करेगा, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कौन-से संस्थान राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप कार्य कर रहे हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में नीव पोर्टल को विश्वविद्यालयों में लागू किया जा रहा है। इसके बाद इसे महाविद्यालयों और आगे चलकर स्कूलों व अन्य शैक्षणिक संस्थानों तक विस्तारित किया जाएगा। इस क्रमबद्ध विस्तार से शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता, एकरूपता और नीति अनुपालन सुनिश्चित होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक एक ऐसा शिक्षा तंत्र विकसित करना है जो वैश्विक मानकों पर खरा उतरे। नीव पोर्टल के माध्यम से सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के शत-प्रतिशत अनुपालन की डिजिटल ट्रैकिंग संभव होगी। इससे संस्थागत गुणवत्ता संकेतकों में सुधार, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और साक्ष्य-आधारित बजट एवं नीति निर्माण को बल मिलेगा।

ज्ञान सेतु’ पहल के तहत 28 संस्थानों से समझौता
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘ज्ञान सेतु’ पहल के अंतर्गत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और राज्य के लगभग 28 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया है। इसका उद्देश्य अकादमिक ज्ञान को प्रशासनिक और सामाजिक चुनौतियों से जोड़ना है, ताकि शोध समाज और शासन की समस्याओं के समाधान में सहायक बन सके।
इन सहयोगों के माध्यम से राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं का इम्पैक्ट इवैल्यूएशन, क्षमता-निर्माण कार्यक्रम, तथा छात्रों के लिए इंटर्नशिप और फील्ड एंगेजमेंट को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे नीति निर्माण अधिक प्रभावी होगा और युवाओं को व्यावहारिक प्रशासनिक अनुभव भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीव पोर्टल और ज्ञान सेतु, दोनों पहलें मिलकर हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार, समावेशी और वैश्विक स्तर की बनाएंगी, जिससे शिक्षा, कौशल, नवाचार, रोजगार और सामाजिक उत्थान का मजबूत आधार तैयार होगा।
राजनीतिक सवालों पर मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी द्वारा गुरुओं पर की गई टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुओं ने धर्म, मानवता और देश की रक्षा के लिए अपने पूरे वंश तक का बलिदान दिया है। उनकी शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि दिल्ली में मुख्यमंत्री रहते हुए  अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा के बजाय शराब के ठेकों को बढ़ावा दिया, यहां तक कि महिलाओं के लिए अलग से शराब के ठेके खोले गए, जो पूरे देश में केवल दिल्ली में देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान नौकरियां “तराजू में तौलकर” दी जाती थीं, जबकि वर्तमान सरकार में बिना पर्ची-बिना खर्ची, मेरिट के आधार पर अब तक लगभग 2 लाख नौकरियां दी जा चुकी हैं।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनित गर्ग, मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू तथा मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय भी उपस्थित रहे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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