July 22, 2026 5:54 pm

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हरियाणा में जूनियर स्केल IAS और HCS अधिकारियों की SDM तैनाती पर उठे सवाल, प्रशासनिक व्यवस्था पर नई बहस

2023 बैच के 7 IAS और 11 HCS अधिकारी एक समान SDM पद पर तैनात
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 17 जुलाई। हरियाणा सरकार की प्रशासनिक तैनाती व्यवस्था को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। राज्य में वर्ष 2023 बैच के 7 जूनियर स्केल भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों और 11 जूनियर स्केल हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा-HCS) अधिकारियों को समान रूप से उपमंडल अधिकारी (नागरिक) (SDM) के पद पर तैनात किया गया है। इस व्यवस्था ने प्रशासनिक हलकों में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या व्यवहारिक स्तर पर सरकार दोनों सेवाओं के जूनियर अधिकारियों को समान दर्जे पर कार्यरत मान रही है।

एडवोकेट हेमंत कुमार ने उठाए नियमों पर सवाल
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता एवं प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार के अनुसार, भले ही IAS एक अखिल भारतीय सेवा है और उसका संवैधानिक व प्रशासनिक दर्जा HCS जैसी राज्य सिविल सेवा से उच्च माना जाता है, लेकिन वर्तमान तैनाती व्यवस्था में दोनों सेवाओं के जूनियर अधिकारियों को समान जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उन्होंने कहा कि 2023 बैच के सभी सात IAS अधिकारी—अंकिता पंवार (सांपला), अनिरुद्ध यादव (नारनौल), अभिनव सिवाच (बहादुरगढ़), आकाश शर्मा (टोहाना), कनिका गोयल (अंबाला कैंट), योगेश सैनी (महेंद्रगढ़) और रवि मीणा (झज्जर)—वर्तमान में SDM के रूप में कार्यरत हैं।

इसी प्रकार 2023 बैच के 11 HCS (EB) अधिकारी—कुंवर आदित्य विक्रम (नूंह), गुरविंदर सिंह (पेहोवा), विपिन कुमार (महम), आशीष सांगवान (बाढ़ड़ा), अजय हुड्डा (कलायत), रमन गुप्ता (इंद्री), विश्वनाथ (जगाधरी), हन्नी बंसल (फरीदाबाद), पारस भगोरिया (ऐलनाबाद), हरि राम (हथीन) और अंकित कुमार-2 (गोहाना)—भी SDM के पद पर तैनात हैं।
HCS कैडर निर्धारण आदेश से उठे नए प्रश्न
हेमंत कुमार ने बताया कि दिसंबर 2025 में हरियाणा सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा जारी HCS कैडर संख्या निर्धारण आदेश में SDM (SDO-Civil) के पद को सीनियर स्केल और सिलेक्शन ग्रेड अधिकारियों के लिए निर्धारित किया गया है।
उनके अनुसार, सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था में कम-से-कम पांच वर्ष की सेवा पूरी करने वाले HCS अधिकारी ही SDM पद के लिए पात्र माने जाते हैं। इस आधार पर 2023 बैच के HCS अधिकारियों की पांच वर्ष की सेवा जनवरी 2028 में पूरी होगी। ऐसे में तीन वर्ष के भीतर ही उन्हें SDM की जिम्मेदारी सौंपे जाने से प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

IAS अधिकारियों की करियर प्रगति अलग
हेमंत कुमार ने कहा कि सीधी भर्ती से चयनित IAS अधिकारियों को सेवा के शुरुआती वर्षों में सामान्यतः SDM के रूप में नियुक्त किया जाता है। लगभग चार वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद उन्हें सीनियर स्केल मिलता है, जिसके बाद वे अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) जैसे उच्च प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति के पात्र बनते हैं।

तैनाती सरकार का अधिकार, लेकिन नियमों का पालन भी जरूरी
उन्होंने स्पष्ट किया कि IAS और HCS अधिकारियों की नियुक्ति, तैनाती और तबादले का अधिकार राज्य सरकार तथा मुख्यमंत्री के प्रशासनिक विवेकाधिकार के अंतर्गत आता है। हालांकि, इस विवेकाधिकार का प्रयोग सेवा नियमों, कैडर संरचना और प्रशासनिक सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए, ताकि तैनाती संबंधी निर्णयों पर अनावश्यक विवाद या प्रश्नचिह्न न उठें।
हेमंत कुमार ने कहा कि जब एक ही बैच के जूनियर स्केल IAS और HCS अधिकारियों को समान रूप से SDM जैसे महत्वपूर्ण पद पर तैनात किया जाता है, तो यह स्वाभाविक रूप से प्रशासनिक बहस का विषय बन जाता है कि क्या व्यवहारिक स्तर पर दोनों सेवाओं के जूनियर अधिकारियों को समान दर्जा देकर देखा जा रहा है।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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