रमेश गोयत
चंडीगढ़, 18 जुलाई। पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने शनिवार को पंजाब विश्वविद्यालय क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित 6वीं डब्ल्यूसीएफआई (WCFI) व्हीलचेयर क्रिकेट चैंपियनशिप-2026 में खिलाड़ियों के अदम्य साहस, आत्मविश्वास और खेल भावना की सराहना करते हुए कहा कि व्हीलचेयर क्रिकेट यह साबित करता है कि शारीरिक सीमाएं कभी भी किसी व्यक्ति की क्षमता और प्रतिभा को सीमित नहीं कर सकतीं।
मुख्य अतिथि के रूप में समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह प्रतियोगिता केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि साहस, समानता और समावेशन का उत्सव है। उन्होंने समाज से दिव्यांगजनों के लिए समावेशी अवसंरचना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल सुविधाएं और रोजगार के समान अवसर सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत पंजाब विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. रेनू विग द्वारा राज्यपाल एवं अन्य अतिथियों के स्वागत के साथ हुई।
राज्यपाल ने बताया कि “Inclusive India through Sports: Capacity Building and Leadership Development of Persons with Disabilities for Sustainable Futures” विषय पर आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय चैंपियनशिप में देशभर से 45 दिव्यांग खिलाड़ी और युवा नेतृत्वकर्ता भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने व्हीलचेयर क्रिकेट फेडरेशन ऑफ इंडिया (WCFI), एसोसिएशन ऑफ प्रोफेशनल सोशल वर्कर्स एंड डेवलपमेंट प्रैक्टिशनर्स (APSWDP), राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान (RGNIYD), पंजाब विश्वविद्यालय तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के प्रयासों की सराहना की। साथ ही वर्ष 2017 में इस चैंपियनशिप की शुरुआत करने वाली स्वर्गीय रेखा त्रिवेदी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
अपने संबोधन में श्री कटारिया ने भारतीय पैरा खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए प्रतिभागियों से खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के माध्यम से समाज के लिए प्रेरणा बनने का आह्वान किया। उन्होंने केंद्र सरकार की सुगम्य भारत अभियान, यूडीआईडी (UDID), एडीआईपी (ADIP) योजना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और खेलो इंडिया जैसी पहलों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
“Breaking Barriers, Building Champions Through Inclusive Cricket” विषय पर आयोजित इस चैंपियनशिप का उद्देश्य समावेशी खेल संस्कृति को बढ़ावा देना तथा पैरा खिलाड़ियों की प्रतिभा और उपलब्धियों के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता पैदा करना है।
18 और 19 जुलाई तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में पंजाब, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की टीमें खिताब के लिए मुकाबला कर रही हैं।
इस अवसर पर पंजाब विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक प्रो. अनुपम बाहरी, व्हीलचेयर क्रिकेट फेडरेशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारी, विश्वविद्यालय के अधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य, खिलाड़ी, खेल प्रेमी तथा बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे।












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