रमेश गोयत
चंडीगढ़, 18 जुलाई। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने शनिवार को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंजाब, हरियाणा एवं केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में व्यापक वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया। अभियान की शुरुआत पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय परिसर में पौधारोपण कर की गई।
इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीश, न्यायिक अधिकारी तथा अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मानसून के दौरान चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत पंजाब, हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ के न्यायालय परिसरों, विधिक सेवा संस्थानों, न्यायिक आवासीय परिसरों तथा अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थलों पर लाखों पौधे लगाए जाएंगे। अभियान को तीनों राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेश के वन विभागों के सहयोग से संचालित किया जाएगा। इसमें स्थानीय जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप देशी, फलदार, औषधीय तथा छायादार पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाएगी।
सभा को संबोधित करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल संवैधानिक दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि अभियान की वास्तविक सफलता केवल लगाए गए पौधों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित संरक्षण और वृक्ष के रूप में विकसित होने से आंकी जाएगी।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21, अनुच्छेद 48(क) और अनुच्छेद 51(क)(ग) का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण प्रत्येक नागरिक का अधिकार है तथा पर्यावरण की रक्षा करना सभी का साझा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ और सतत भविष्य सुनिश्चित करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को इस अभियान से जुड़कर सक्रिय योगदान देना चाहिए।
यह वृक्षारोपण अभियान न्यायपालिका की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक होने के साथ-साथ समाज में हरित चेतना और जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।












Total Users : 375711
Total views : 612653