बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
जींद, 4 सितम्बर। हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जींद में एक ऐसा भावुक घटनाक्रम सामने आया, जिसने प्रशासनिक सत्यापन प्रक्रिया को मानवीय रिश्तों के पुनर्मिलन की यादगार कहानी में बदल दिया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मनोहरपुर में करीब 35 वर्षों से बिछड़े दो सगे भाइयों का अचानक मिलन हुआ। दोनों भाई एक-दूसरे को देखते ही भावुक हो गए और गले लगकर फूट-फूटकर रो पड़े।
जानकारी के अनुसार, सीता राम अपने एसएलसी (स्कूल छोड़ने का प्रमाण-पत्र) से संबंधित कार्य के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मनोहरपुर पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) ने सामान्य बातचीत और सत्यापन के दौरान उनसे उनके गांव, पिता का नाम और भाई के बारे में जानकारी ली।
बातचीत में जब सीता राम के भाई का नाम सामने आया तो बीएलओ ने सत्यापन के उद्देश्य से फोन पर संपर्क किया। फोन पर भाई ने जैसे ही सीता राम के बारे में सुना, उसने उनकी पहचान कर ली। उसने भावुक होकर कहा कि “हां, वह मेरा ही भाई है। मैं उसे पिछले 35 साल से ढूंढ रहा हूं।”
यह जानकारी मिलते ही सीता राम का भाई तत्काल विद्यालय पहुंच गया। आमने-सामने आते ही दोनों कुछ पल एक-दूसरे को देखते रहे और फिर भावुक होकर गले लग गए। वर्षों से एक-दूसरे से दूर रहे दोनों भाइयों की आंखों से आंसू छलक पड़े। विद्यालय परिसर में मौजूद लोग भी इस भावुक मिलन के साक्षी बने।
मौके पर मौजूद अतिरिक्त सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (एईआरओ) डॉ. रमेश कुमार ने इस घटना को अपने लिए भी बेहद यादगार अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान मतदाता सत्यापन से जुड़ा यह सामान्य कार्य एक परिवार को दोबारा जोड़ने का माध्यम बन गया।
उन्होंने कहा कि बीएलओ की सजगता और सत्यापन के दौरान पूछी गई कुछ सामान्य जानकारियों ने 35 वर्षों से बिछड़े भाइयों को फिर से मिलाने में अहम भूमिका निभाई। यह घटना बताती है कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं के पीछे कई बार मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों से जुड़ी ऐसी कहानियां सामने आती हैं, जिनकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होती।
एसआईआर के दौरान हुआ यह मिलन अब मनोहरपुर विद्यालय और वहां मौजूद अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए भी एक यादगार प्रसंग बन गया है।














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