GST शिमला की टीम ने की कार्रवाई; ‘खिलाड़ी बीड़ी’ और ‘विनोद ट्रेडर्स’ के यहां जांच के दौरान सामने आया अनियमित स्टॉक
बाबूगिरी हिंदी न्यूज़
शिमला/कांगड़ा/डमटाल, 10 सितंबर। हिमाचल प्रदेश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग ने कर चोरी और बिना बिल के माल के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए कांगड़ा जिले के जसूर और डमटाल क्षेत्र में 4 व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की है। कार्रवाई के दौरान टीम को डुप्लीकेट सिगरेट, तंबाकू उत्पाद और बिना बिल का स्टॉक बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई GST शिमला की टीम द्वारा हिमाचल प्रदेश के GST कमिश्नर उज्ज्वल राणा के निर्देशन में की गई। विभागीय टीमों ने दोनों प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर उपलब्ध स्टॉक, खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेजों और बिलों की जांच की।
जसूर में ‘खिलाड़ी बीड़ी’ के प्रतिष्ठान पर कार्रवाई
GST टीम ने खिलाड़ी बीड़ी, जसूर के प्रतिष्ठान पर जांच की। यहां टीम को सिगरेट और तंबाकू उत्पादों का स्टॉक मिला, जिसमें डुप्लीकेट सिगरेट तथा बिना बिल के स्टॉक शामिल होने की बात सामने आई है।
जांच के दौरान अधिकारियों ने प्रतिष्ठान में मौजूद माल का भौतिक सत्यापन किया तथा स्टॉक से संबंधित दस्तावेजों और बिलों को भी खंगाला। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि बिना बिल का माल कहां से आया और इसकी खरीद-बिक्री किस प्रकार की जा रही थी।
डमटाल के विनोद ट्रेडर्स पर भी पहुंची GST टीम
इसी कार्रवाई के तहत GST अधिकारियों ने विनोद ट्रेडर्स, डमटाल के प्रतिष्ठान पर भी रेड की। यहां भी जांच के दौरान डुप्लीकेट सिगरेट, तंबाकू और बिना बिल का स्टॉक मिलने की जानकारी है।
डमटाल क्षेत्र में बड़ी संख्या में व्यापारिक गतिविधियां होने के कारण GST विभाग की इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। टीम द्वारा स्टॉक और उपलब्ध रिकॉर्ड का मिलान किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद माल की कुल मात्रा कितनी है और उस पर कितनी कर देनदारी या अन्य कार्रवाई बनती है।
कई अन्य कारोबारियों की भी जानकारी विभाग के रडार पर
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार GST विभाग के स्तर पर क्षेत्र में कुछ अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी भी जुटाई गई थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक आज की कार्रवाई की पुष्टि केवल खिलाड़ी बीड़ी, जसूर और विनोद ट्रेडर्स, डमटाल में हुई रेड के रूप में की जा रही है।
विभागीय कार्रवाई के दायरे में बताए जा रहे अन्य नामों को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए उनके संबंध में किसी प्रकार की कार्रवाई या बरामदगी का दावा करना जल्दबाजी होगा।
बिल और स्टॉक रिकॉर्ड की जांच अहम
GST विभाग की कार्रवाई में बिना बिल के माल की बरामदगी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों द्वारा यह जांच की जाती है कि प्रतिष्ठान में मौजूद स्टॉक खरीद के वैध दस्तावेजों के साथ दर्ज है या नहीं। इसके अलावा बिल, ई-वे बिल, खरीद रिकॉर्ड, बिक्री रिकॉर्ड और GST रिटर्न आदि का मिलान किया जा सकता है।
यदि जांच में कर चोरी या GST नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ कानून के तहत कर निर्धारण, जुर्माना और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
डुप्लीकेट सिगरेट की बरामदगी ने बढ़ाई गंभीरता
कार्रवाई में कथित तौर पर डुप्लीकेट सिगरेट मिलने की जानकारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। नकली या डुप्लीकेट ब्रांड के नाम पर उत्पादों की बिक्री से न केवल राजस्व को नुकसान पहुंच सकता है, बल्कि उपभोक्ताओं के साथ भी धोखाधड़ी का मामला बन सकता है।
हालांकि, बरामद उत्पाद वास्तव में नकली/डुप्लीकेट हैं या किसी अन्य श्रेणी में आते हैं, इसकी अंतिम पुष्टि संबंधित विभागीय जांच और आवश्यक तकनीकी/ब्रांड सत्यापन के बाद ही होगी।
GST विभाग की कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कंप
जसूर और डमटाल में एक साथ हुई कार्रवाई से क्षेत्र के कारोबारियों में भी हलचल मच गई है। GST विभाग की टीम द्वारा दस्तावेजों और स्टॉक की जांच से यह संकेत मिला है कि विभाग बिना बिल के कारोबार और कर चोरी के मामलों पर निगरानी बढ़ा रहा है।
फिलहाल दोनों प्रतिष्ठानों से संबंधित जांच जारी है। बरामद स्टॉक की मात्रा, उसकी अनुमानित कीमत, कर देनदारी और आगे की कानूनी कार्रवाई के संबंध में विभाग की विस्तृत रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।















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