नई दिल्ली/जालंधर: दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी से जुड़े कथित “गुरुओं के अपमान” वाले वीडियो का विवाद अब पंजाब तक पहुंच गया है। पंजाब के जालंधर में इस वीडियो को लेकर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जालंधर पुलिस ने यह वीडियो मंत्री कपिल मिश्रा के एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से डाउनलोड कर जांच की और उसी आधार पर मामला दर्ज किया।
एफआईआर में क्या है आरोप
जालंधर पुलिस के प्रवक्ता के अनुसार, शिकायतकर्ता इकबाल सिंह की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप है कि वायरल वीडियो में ‘गुरू’ शब्द को छेड़छाड़ कर जोड़ा गया है, जबकि यह शब्द आतिशी ने अपने बयान में कहा ही नहीं था।
कपिल मिश्रा का पलटवार
एफआईआर के बाद मंत्री कपिल मिश्रा ने अपने एक्स हैंडल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि “केजरीवाल जी, आपकी एफआईआर और पुलिस का डर हमें डरा नहीं सकता। दिल्ली विधानसभा के रिकॉर्ड में वीडियो मौजूद है और पूरी दुनिया ने उसे सुना है। उस दिन से आतिशी विधानसभा आने की हिम्मत नहीं जुटा पाईं, जबकि विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें कई बार बुलाया।”
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस, पंजाब के अपराधों की जांच छोड़कर, दिल्ली के नेता प्रतिपक्ष से जुड़े मामलों पर पर्दा डालने का काम कर रही है।
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता बोले— सदन लेगा संज्ञान
इस पूरे मामले पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन में कहा कि विधायक अभय वर्मा द्वारा उठाया गया मुद्दा विशेषाधिकार हनन (ब्रीच ऑफ प्रिविलेज) से जुड़ा है।
अध्यक्ष ने कहा कि जिस वीडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है, वह सदन के भीतर की रिकॉर्डिंग है और सदन की संपत्ति है। ऐसे में इस रिकॉर्डिंग पर कार्रवाई करना और मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना गंभीर विषय है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जालंधर के पुलिस कमिश्नर के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का सीधा मामला बनता है, क्योंकि सदन की रिकॉर्डिंग पर किसी बाहरी एजेंसी का हस्तक्षेप अस्वीकार्य है।
फोरेंसिक जांच का हवाला
अध्यक्ष ने बताया कि विपक्ष की मांग पर ही वीडियो को फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा गया था, ताकि सभी की संतुष्टि हो सके। चूंकि रिकॉर्डिंग सदन की है, इसलिए उसे ‘टेम्पर्ड’ कहना भी सदन की मर्यादा के खिलाफ है। इस कथित साजिश में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
आशीष सूद का आरोप— पंजाब तंत्र का दुरुपयोग
दिल्ली के गृह और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने जालंधर में दर्ज एफआईआर को पंजाब सरकार के तंत्र का दुरुपयोग बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मांग पर वीडियो फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था, इसके बावजूद मनगढ़ंत जांच कराकर मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज कराया गया।
आशीष सूद ने कहा कि इस मामले में जालंधर के पुलिस कमिश्नर को विशेषाधिकार हनन के तहत सदन के समक्ष तलब किया जाएगा।
“डरने वाले नहीं, दोषियों को सज़ा दिलाएंगे”
आशीष सूद ने कहा कि मुकदमों के जरिए डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सरकार किसी भी हाल में गुरुओं के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने दोहराया कि आगे की सभी कानूनी कार्रवाइयां विधि के अनुसार होंगी और सदन के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।











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