लेखक: केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया
भारत की विकास गाथा उन हाथों से लिखी जाएगी, जो आज इसके भविष्य की कल्पना कर रहे हैं। देश भर में युवा इस प्रश्न पर गंभीरता से मंथन कर रहे हैं कि भारत कैसे तेज़ी से आगे बढ़े, शासन व्यवस्था को कैसे बेहतर बनाए और वर्ष 2047 तक स्वयं को एक विकसित राष्ट्र के रूप में कैसे स्थापित करे। विश्वविद्यालय परिसरों, स्टार्ट-अप्स, खेल मैदानों, कक्षाओं और गांव की बैठकों में उभरते ये विचार इस बात का प्रमाण हैं कि भारत का युवा केवल सपने नहीं देख रहा, बल्कि समाधान भी तलाश रहा है।
आज सवाल यह नहीं है कि युवाओं के पास योगदान देने के लिए कुछ है या नहीं, बल्कि यह है कि क्या उनके विचारों को राष्ट्र की दिशा तय करने के लिए एक सशक्त मंच मिल रहा है। विकसित भारत युवा नेता संवाद (वीबीवाईएलडी) इसी उद्देश्य से तैयार किया गया है—युवाओं की सोच को सुनने, समझने और उसे नीति व नेतृत्व से जोड़ने का मंच।
भारत विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है। यह केवल जनसांख्यिकीय लाभ नहीं, बल्कि देश की सबसे बड़ी राष्ट्रीय संपदा है। युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और साहस लोकतंत्र को मजबूत करने, समावेशी विकास को गति देने और भारत को वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
आज का युवा केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित नहीं है। वह जिम्मेदारी लेना चाहता है, समाज में सार्थक बदलाव लाना चाहता है और राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनना चाहता है। उसकी रचनात्मकता समाधान बनना चाहती है, उसकी ऊर्जा नेतृत्व में बदलना चाहती है और उसकी महत्वाकांक्षा सेवा का रूप लेना चाहती है।
युवा मामले और खेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान मुझे देश के कोने-कोने में युवाओं से संवाद करने का अवसर मिला—विश्वविद्यालयों में, ग्रामीण अंचलों में, खेल मैदानों में और युवा-नेतृत्व वाली सामुदायिक पहलों में। हर जगह एक बात समान रूप से सामने आई—देश के भविष्य को लेकर युवाओं की गंभीरता और प्रतिबद्धता।
मुझे आज भी ग्रामीण युवाओं के उस समूह से मुलाकात याद है, जिन्होंने अपने गांवों में अनौपचारिक शिक्षा केंद्र शुरू किए थे। सीमित संसाधनों के बावजूद, उन्होंने स्थानीय जरूरतों को समझते हुए शिक्षा और कौशल विकास की कमियों के समाधान खोजे। यह अनुभव एक सच्चाई को रेखांकित करता है—जब युवाओं पर भरोसा किया जाता है और उन्हें अवसर दिया जाता है, तो वे केवल भागीदारी नहीं करते, बल्कि नेतृत्व करते हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले से आह्वान किया था कि सार्वजनिक जीवन में ऐसे एक लाख युवाओं को आगे लाया जाए, जिनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि न हो। इसी दृष्टि से प्रेरित होकर जनवरी 2025 में विकसित भारत युवा नेता संवाद की शुरुआत की गई। यह राष्ट्रीय युवा महोत्सव का एक नया, नवाचारी स्वरूप था।
इस पहल को अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली। विकसित भारत चैलेंज के माध्यम से 30 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया, दो लाख से अधिक निबंध प्रस्तुत किए गए और हजारों युवाओं ने राज्य स्तर पर अपने विचार साझा किए। इस ऐतिहासिक आयोजन का समापन दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ, जहाँ 3,000 युवा नेताओं ने प्रधानमंत्री के साथ सीधे संवाद किया।
यह केवल आँकड़ों की सफलता नहीं थी, बल्कि सहभागिता की गुणवत्ता ने इसे ऐतिहासिक बनाया। युवाओं को राष्ट्रीय चुनौतियों पर गंभीरता से सोचने, समाधान प्रस्तुत करने और अपनी व्यक्तिगत आकांक्षाओं को राष्ट्रीय उद्देश्य से जोड़ने का अवसर मिला। इस संवाद ने विचार और क्रियान्वयन के बीच की दूरी को पाटने का कार्य किया।
वीबीवाईएलडी की शक्ति उसके पैमाने में ही नहीं, बल्कि उसके समावेशी डिज़ाइन में निहित है। शहरी-ग्रामीण, छात्र-पेशेवर, नवोन्मेषी और जमीनी स्तर के युवा एक ही मंच पर साथ आए। भाषा, क्षेत्र और पृष्ठभूमि की विविधता को इस संवाद की ताकत बनाया गया, ताकि हर युवा की आवाज़ सुनी जा सके।
भारत के इतिहास में युवाओं ने हमेशा निर्णायक भूमिका निभाई है—चाहे वह स्वतंत्रता संग्राम हो या स्वतंत्र भारत के संस्थानों का निर्माण। आज एक बार फिर राष्ट्र अपने युवाओं की ओर देख रहा है। 2047 का विकसित भारत केवल आर्थिक समृद्धि नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव, पर्यावरणीय जिम्मेदारी, तकनीकी नेतृत्व और समावेशी विकास की भी मांग करता है। इन चुनौतियों का समाधान वही पीढ़ी कर सकती है, जिसमें नवीन सोच, अनुकूलन क्षमता और साहस मौजूद हो—और ये गुण भारत के युवाओं में भरपूर हैं।
पहले संस्करण की सफलता के बाद वीबीवाईएलडी 2026 (9–12 जनवरी 2026) इस पहल को एक वैश्विक मंच की ओर ले जाता है। ‘भारत के लिए डिज़ाइन’ और ‘विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी’ जैसी नई पहलों तथा प्रवासी भारतीय युवाओं की भागीदारी के साथ, यह संवाद अब सीमाओं से परे गूंजेगा।
इस वर्ष विकसित भारत क्विज में 50 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी इस पहल की व्यापकता को दर्शाती है। चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में देश-विदेश की प्रमुख हस्तियाँ युवाओं से संवाद करेंगी और उनके दृष्टिकोण को दिशा देंगी।
वीबीवाईएलडी 2026 को विशेष बनाने वाली बात यह है कि यह युवाओं को केवल बोलने का अवसर नहीं देता, बल्कि उन्हें सुने जाने का भरोसा भी देता है। 12 जनवरी—राष्ट्रीय युवा दिवस—को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी स्वयं भारत मंडपम में युवाओं से संवाद करेंगे और जानेंगे कि वे भविष्य के भारत को कैसे आकार देना चाहते हैं।
जैसे-जैसे भारत स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर बढ़ रहा है, उसे ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो बड़े सपने देखने का साहस रखते हों और उन्हें साकार करने का संकल्प भी। विकसित भारत युवा नेता संवाद केवल एक मंच नहीं, बल्कि एक आंदोलन है—जो युवाओं को नेतृत्व करने, राष्ट्रीय चुनौतियों का सामना करने और विकसित भारत के सपने के साथ अपनी आकांक्षाओं को जोड़ने का आह्वान करता है।
विकसित भारत का निर्माण उन्हीं के हाथों होगा, जिनमें नेतृत्व का आत्मविश्वास और सेवा की प्रतिबद्धता होगी। भारत के युवा तैयार हैं—अब राष्ट्र को उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए तैयार होना चाहिए।
(लेखक भारत सरकार में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री हैं)











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