ओबीसी समाज को शिक्षा, आरक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध; पंजाब में नशे के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा
नामदेव भवन के लिए 21 लाख रुपये देने की घोषणा, समाज की मांगों पर सकारात्मक विचार का आश्वासन
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 18 अक्तूबर – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज की शिक्षाएं आज भी समाज को आपसी भाईचारे, प्रेम, समानता, मानवता और श्रम के सम्मान का संदेश देती हैं। संत-महापुरुष किसी एक जाति या वर्ग के नहीं होते, बल्कि वे पूरे समाज का मार्गदर्शन करते हैं। उनकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाकर ही अच्छे समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री रविवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-21 स्थित नामदेव भवन में संत नामदेव जी महाराज के 756वें प्रकाशोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने नामदेव भवन के लिए 21 लाख रुपये देने की घोषणा की और हरियाणा नामदेव सभा के प्रदेशाध्यक्ष एवं पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष सतबीर वर्मा द्वारा समाज की मांगों को लेकर सौंपे गए मांग-पत्र पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
संत-महापुरुषों की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत नामदेव जी ने अपनी वाणी और जीवन से भक्ति, मानव सेवा और मेहनत करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान का संदेश दिया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी उनकी वाणी शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। हरियाणा सरकार भी अंत्योदय की भावना के साथ सभी वर्गों के कल्याण और सुशासन के लिए काम कर रही है। सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल में 70 वादे पूरे किए गए हैं, जबकि 143 पर काम जारी है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने गुरु रविदास जी, भगवान वाल्मीकि जी, भगवान विश्वकर्मा जी, भगवान परशुराम जी और भक्त धन्ना जाट सहित अनेक संत-महापुरुषों की जयंती सरकारी स्तर पर मनाने की पहल की है, ताकि उनकी शिक्षाएं नई पीढ़ी तक पहुंचें। मुख्यमंत्री ने रोहिला राजपूत समाज की सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए युवाओं से शिक्षा, कौशल और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
ओबीसी समाज के हित में उठाए कई कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और हरियाणा सरकार पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने तथा केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों, सैनिक स्कूलों और चिकित्सा शिक्षा में ओबीसी आरक्षण जैसे कदमों से समाज को आगे बढ़ने के अवसर मिले हैं। हरियाणा में पिछड़ा वर्ग की क्रीमी लेयर की आय सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये की गई है। बीसी-ए वर्ग को स्थानीय निकायों में प्रतिनिधित्व देने के साथ सरकारी नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण का भी प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में अवसर देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए भी काम कर रही है। महिलाओं के कल्याण के लिए बजट में किए गए प्रावधानों और पात्र परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य आमजन को राहत देना है।
पंजाब में नशे की समस्या पर राजनीति के बजाय ठोस कार्रवाई जरूरी
मुख्यमंत्री ने पंजाब में नशे की समस्या को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नशे जैसी गंभीर समस्या को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने के बजाय इसके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। हरियाणा में युवाओं को जागरूक करने के लिए कार्यक्रमों और दौड़ जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि नशा तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने पंजाब में बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और युवाओं की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
स्वीडन दौरे में निवेश और रोजगार के अवसरों का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने स्वीडन दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि हरियाणा में लगभग 4,000 करोड़ रुपये के निवेश को लेकर सहमति बनी है। इससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हों और प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़े।
हरियाणा में संत-महापुरुषों की जयंती सरकारी स्तर पर मनाने की पहल, पंजाब में नशे के खिलाफ सामाजिक जागरूकता जरूरी : मंत्री रणबीर गंगवा
हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि संत शिरोमणि नामदेव जी ने समाज को आपसी भाईचारे, प्रेम, सद्भाव और समानता का संदेश दिया। उनकी शिक्षाओं को जीवन में अपनाकर अच्छे समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार ने संत-महापुरुषों की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार के लिए उनकी जयंती सरकारी स्तर पर मनाने की पहल की है।
उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में हरियाणा में भी संत नामदेव जी की जयंती मनाई जा रही है। आज चंडीगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम में पंजाब के अलग-अलग जिलों से नामदेव समाज के प्रतिनिधियों का शामिल होना समाज में जागरूकता और बदलाव की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में पिछड़े वर्ग सहित सभी वर्गों को सम्मान और समान अवसर देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि पंजाब में आज नशे की समस्या गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। यदि आने वाली पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से नहीं बचाया गया तो इसका असर पूरे समाज पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के साथ-साथ संत-महापुरुषों की शिक्षाओं से जुड़े लोगों और सामाजिक संगठनों को भी इस लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं समाज की मांगें
हरियाणा नामदेव सभा के प्रदेशाध्यक्ष एवं पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष श्री सतबीर वर्मा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का लगातार तीसरी बार संत नामदेव जयंती समारोह में पहुंचने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने हरियाणा में सभी वर्गों, विशेषकर गरीब, किसान, कर्मचारी और पिछड़े वर्गों के हित में अनेक योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के नामदेव समाज के लोग भी मुख्यमंत्री की कार्यशैली और नीतियों से प्रभावित हैं तथा पंजाब में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने की अपेक्षा रखते हैं। वर्मा ने मुख्यमंत्री को समाज की ओर से मांग-पत्र सौंपते हुए पंजाब में नामदेव समाज के पुश्तैनी कार्यों, विशेषकर सिलाई-कढ़ाई और बुनाई को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश की तर्ज पर सिलाई-कढ़ाई बोर्ड के गठन की सिफारिश करने की मांग रखी। उन्होंने अमृतसर स्थित विश्वविद्यालय में बंद हो चुकी संत नामदेव पीठ को दोबारा स्थापित करने, पंजाब में सरकारी संस्थानों का नाम संत नामदेव जी महाराज के नाम पर रखने सहित अन्य मांगे रखी।
इस मौके पर चंडीगढ़ से बीजेपी नेता संजय टंडन, टांक क्षत्रिय सभा के प्रधान ओम प्रकाश गारचा, संस्था के उपप्रधान जसविंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, कर्मजीत सिंह कैथ, महासचिव नरेश माजरा, जसपाल सिंह, संयुक्त सचिव सुरेंद्र कुमार, मांगी लाल, रविंद्र पाल और नामदेव सिंह सहित समाज के अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होगा तीसरा सूरजकुंड दिवाली मेला, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे शुभारंभ
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल 26 अक्टूबर को समापन समारोह में होंगे मुख्य अतिथि
हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में होगा उद्घाटन समारोह
बाबूगिरी न्यूज़
चंडीगढ़, 18 अक्टूबर- हरियाणा पर्यटन विभाग द्वारा तीसरे सूरजकुंड दिवाली मेले का आयोजन 23 से 26 अक्टूबर 2026 तक सूरजकुंड मेला परिसर, फरीदाबाद में किया जाएगा। चार दिवसीय यह मेला दिवाली के उल्लास, भारतीय कला एवं हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अनूठा संगम होगा। मेले के माध्यम से जहां लोगों को दिवाली की खरीदारी के लिए विभिन्न प्रकार के उत्पाद उपलब्ध होंगे, वहीं उन्हें परिवार के साथ मनोरंजन और भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत से रूबरू होने का अवसर भी मिलेगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मेले का शुभारंभ 23 अक्टूबर को करेंगे। उद्घाटन समारोह में हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे। वहीं, 26 अक्टूबर को आयोजित होने वाले समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
300 हस्तशिल्प स्टॉल पर मिलेंगे दिवाली की खरीदारी के विविध विकल्प
मेले में लगभग 300 स्टॉल लगाई जाएंगी, जहां देश के विभिन्न क्षेत्रों के हस्तशिल्प, हथकरघा उत्पाद, पारंपरिक कलाकृतियां, घर की सजावट से संबंधित सामान और दिवाली के लिए उपयोगी वस्तुओं की विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध होगी। इन स्टॉल के माध्यम से आगंतुकों को पारंपरिक एवं आकर्षक उत्पाद खरीदने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह आयोजन शिल्पकारों और कारीगरों को अपने हुनर एवं उत्पादों का प्रदर्शन करने तथा उन्हें व्यापक बाजार तक पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
विशाल फूड कोर्ट में चख सकेंगे विभिन्न राज्यों के व्यंजनों का स्वाद
मेले में आगंतुकों के लिए विशाल फूड कोर्ट की व्यवस्था भी की जाएगी। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों के साथ प्रतिष्ठित फूड ब्रांड्स के लोकप्रिय पकवान उपलब्ध होंगे। खानपान के विविध विकल्प मेले में आने वाले लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगे। खरीदारी, खानपान और मनोरंजन की गतिविधियां मेले को परिवारों के लिए एक विशेष उत्सवी अनुभव प्रदान करेंगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संगीत संध्या से सजेगा सूरजकुंड मेला परिसर
चार दिवसीय मेले के दौरान लोक कलाकारों, लोक नृत्य दलों और पारंपरिक कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से आगंतुकों को देश की विविध लोक परंपराओं, कला और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने एवं समझने का अवसर मिलेगा।
मेले की सांस्कृतिक संध्याओं में प्रसिद्ध सूफी एवं लोक गायक कंवर ग्रेवाल की प्रस्तुति विशेष आकर्षण रहेगी। उनकी गायकी के साथ अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी मेले के माहौल को उत्साह और उमंग से भरेंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से आगंतुकों को संगीत और लोक संस्कृति का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय शिल्पकारों और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा प्रोत्साहन
तीसरे सूरजकुंड दिवाली मेले का उद्देश्य दिवाली से पहले लोगों को खरीदारी एवं मनोरंजन के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ पारंपरिक हस्तशिल्प, स्थानीय कारीगरों और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करना भी है। यह आयोजन शिल्पकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने और लोगों को देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
हरियाणा सरकार एवं हरियाणा पर्यटन विभाग की ओर से दिल्ली-एनसीआर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों से अपील की गई है कि वे 23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले तीसरे सूरजकुंड दिवाली मेले में सपरिवार शामिल होकर इस उत्सव का आनंद लें।













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