November 2, 2026 4:52 am

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चंडीगढ़ पुलिस को मिला राष्ट्रपति निशान, अमित शाह बोले– छह दशकों की सेवा, शौर्य और समर्पण का राष्ट्रीय सम्मान; नशामुक्त चंडीगढ़ बनाने का दिया लक्ष्य

हीरक जयंती समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री ने पुलिसकर्मियों की सराहना की, बोले– पंजाब के नजदीक होने के बावजूद देश में सबसे पहले नशामुक्त बनेगा चंडीगढ़

85 प्रतिशत दोषसिद्धि दर और 140 दिन में न्याय दिलाने का मॉडल देश के लिए बनेगा उदाहरण

पुलिस बेड़े में शामिल किए 141 नए वाहन, 2152 एआई युक्त सीसीटीवी कैमरों से मजबूत होगी सुरक्षा व्यवस्था

रमेश गोयत
चंडीगढ़, 1 नवंबर। चंडीगढ़ पुलिस की छह दशकों की सेवा, शौर्य, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। चंडीगढ़ पुलिस के हीरक जयंती स्थापना समारोह के अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पुलिस बल को राष्ट्रपति निशान (प्रेसिडेंट कलर) से सम्मानित किया। इस अवसर को चंडीगढ़ पुलिस के 60 वर्षों के गौरवशाली सफर का ऐतिहासिक पड़ाव बताते हुए अमित शाह ने पुलिसकर्मियों और शहरवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति निशान मिलना केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि छह दशकों से नागरिकों की सुरक्षा, सेवा, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ निभाई गई जिम्मेदारियों का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है।
समारोह में अमित शाह ने चंडीगढ़ पुलिस के कार्यों की सराहना करते हुए आधुनिक पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई, तकनीकी क्षमता और न्याय व्यवस्था में किए गए सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस ने आतंकवाद के कठिन दौर में जिस साहस और पराक्रम का परिचय दिया, उसने न केवल चंडीगढ़ बल्कि पूरे उत्तर भारत की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज यही पुलिस बल आधुनिक तकनीक, बेहतर कार्यप्रणाली और नागरिक केंद्रित पुलिसिंग के माध्यम से देश के अन्य पुलिस बलों के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

छह दशकों की सेवा का सम्मान, राष्ट्रपति निशान से बढ़ा चंडीगढ़ पुलिस का गौरव
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी भी पुलिस बल को राष्ट्रपति निशान प्रदान करना उसके लंबे सेवा इतिहास, अनुशासन, समर्पण और जवानों के अदम्य साहस का सम्मान होता है। चंडीगढ़ पुलिस ने वर्ष 1966 से लेकर आज तक निरंतर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए एक स्वर्णिम अध्याय लिखा है।
उन्होंने कहा कि कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों का योगदान किसी भी संगठन के लिए गर्व की बात होता है। चंडीगढ़ पुलिस ने अपने छह दशक के सफर में अनेक चुनौतियों का सामना किया है। आतंकवाद के दौर में पुलिस जवानों ने अदम्य साहस दिखाया और कठिन परिस्थितियों में भी कानून व्यवस्था तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
शिवालिक की पहाड़ियों की तलहटी में बसे चंडीगढ़ को देश के सबसे सुनियोजित शहरों में गिना जाता है। वर्ष 1966 में केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद यह पंजाब और हरियाणा दोनों की संयुक्त राजधानी बना। ऐसे में चंडीगढ़ पुलिस की जिम्मेदारी केवल शहर की कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि उसे दोनों राज्यों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था संभालनी पड़ी। अमित शाह ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब पुलिस और हरियाणा पुलिस के साथ समन्वय बनाकर इस जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाया है।

नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई, चंडीगढ़ को देश का पहला नशामुक्त क्षेत्र बनाने का लक्ष्य
समारोह में अमित शाह ने नशे की समस्या को लेकर विशेष रूप से चंडीगढ़ पुलिस को बड़ा लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि देश को नशामुक्त बनाने का संकल्प तभी सफल होगा, जब पुलिस, प्रशासन और समाज मिलकर इस दिशा में काम करेंगे।
उन्होंने कहा, ”पंजाब के समीप होने के बावजूद यदि देश में कोई क्षेत्र सबसे पहले नशामुक्त बनेगा, तो वह चंडीगढ़ ही होगा।”
अमित शाह ने चंडीगढ़ पुलिस से अपील की कि नशामुक्ति को अपने कामकाज का प्रमुख एजेंडा बनाया जाए। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाना केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि देश के भविष्य को सुरक्षित करने का अभियान है। विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब देश का युवा नशे से दूर रहकर शिक्षा, रोजगार, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ेगा।
उन्होंने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) के मामलों में दोषसिद्धि की दर बढ़ाकर 93 प्रतिशत तक पहुंचाई है। ऐसे मामलों में आरोपियों को दोषी सिद्ध कर जेल भेजने की कार्रवाई को उन्होंने नशे और संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

85 प्रतिशत दोषसिद्धि दर, औसतन 140 दिन में सजा दिलाने का दावा
न्याय व्यवस्था में देरी और लंबित मामलों को लेकर प्रचलित ”तारीख पर तारीख” की समस्या का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ ने अपराधियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया में उल्लेखनीय सुधार करते हुए 85 प्रतिशत दोषसिद्धि दर हासिल की है। इसके साथ ही मामलों में सजा होने तक का औसत समय लगभग 140 दिन बताया गया है।
अमित शाह ने कहा कि पहले अंग्रेजों के समय के बनाए दंड आधारित कानूनों के कारण न्याय प्रक्रिया में कई तरह की कठिनाइयां थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू की गई नई आपराधिक न्याय संहिताओं का उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
उन्होंने कहा कि इन नए कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर पुलिस और न्यायिक व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने इन कानूनों के तहत तकनीक और बेहतर अनुसंधान प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हुए जिस तरह के परिणाम दिए हैं, वे देश के अन्य पुलिस बलों के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं।

8206 मामलों में से 7590 की ऑनलाइन चार्जशीट, डिजिटल पुलिसिंग में बनाया रिकॉर्ड
चंडीगढ़ पुलिस की डिजिटल कार्यप्रणाली का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने बताया कि 4 अगस्त 2024 से लेकर समारोह के दिन तक चंडीगढ़ में कुल 8206 प्राथमिकी दर्ज की गईं। इनमें से 7590 मामलों में ऑनलाइन आरोपपत्र दाखिल किए गए हैं।
उन्होंने इसे डिजिटल पुलिसिंग और नई आपराधिक न्याय संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, ऑनलाइन आरोपपत्र दाखिल करने से जांच प्रक्रिया में तेजी आती है और मामलों की निगरानी तथा न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सुविधा मिलती है।
अमित शाह ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस ने तकनीक को केवल उपकरण के रूप में नहीं, बल्कि पुलिसिंग की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। यही कारण है कि अपराधों की जांच से लेकर आरोपपत्र दाखिल करने तक डिजिटल व्यवस्था का प्रभाव दिखाई दे रहा है।

बीट पुलिसिंग से नागरिकों को थाने के चक्कर लगाने से राहत
अमित शाह ने कहा कि पुलिस का काम केवल आतंकवाद, अपराध, नशा तस्करी, साइबर अपराध और कानून व्यवस्था की चुनौतियों से निपटना नहीं है। पुलिस का एक महत्वपूर्ण दायित्व नागरिकों के जीवन को सुगम बनाना और उन्हें बेहतर सुरक्षा का अनुभव कराना भी है।
उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस की बीट पुलिसिंग व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि बीट पुलिसिंग ऐप और इसके जमीनी क्रियान्वयन से ऐसी व्यवस्था विकसित की गई है, जिसमें नागरिकों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए पुलिस थाने तक जाने की आवश्यकता न पड़े।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 के बाद बीट पुलिसिंग की शुरुआत करने में चंडीगढ़ ने अग्रणी भूमिका निभाई। यह व्यवस्था पुलिस और आम नागरिकों के बीच सीधे संपर्क को मजबूत करती है। स्थानीय स्तर पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से शिकायतों का समय पर समाधान, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और अपराध रोकने में मदद मिलती है।
अमित शाह ने कहा कि चंडीगढ़ की बीट पुलिसिंग देशभर के पुलिस बलों के लिए अनुकरणीय मॉडल बन सकती है।

ट्रैफिक प्रबंधन और त्वरित पुलिस सहायता में भी चंडीगढ़ की पहचान
चंडीगढ़ की यातायात व्यवस्था का उल्लेख करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इस शहर में प्रति व्यक्ति वाहनों की संख्या देश में सबसे अधिक है, इसके बावजूद उन्होंने यहां यातायात जाम की समस्या नहीं देखी।
उन्होंने पुलिस के त्वरित प्रतिक्रिया समय की भी सराहना की। उनके अनुसार, चंडीगढ़ पुलिस का त्वरित प्रतिक्रिया समय लगभग 10 मिनट और पुलिस के मौके पर पहुंचने का समय करीब चार मिनट है। उन्होंने बताया कि प्रतिक्रिया समय के मामले में चंडीगढ़ पुलिस देश में दूसरे स्थान पर है।
अमित शाह ने विश्वास जताया कि पुलिस बेड़े में नए वाहन शामिल होने से गश्त, आपातकालीन सहायता और अपराध नियंत्रण की क्षमता बढ़ेगी तथा चंडीगढ़ पुलिस अगले वर्ष तक देश में पहले स्थान पर पहुंच सकती है।

पुलिस बेड़े में शामिल हुए 141 नए वाहन, बढ़ेगी गश्त और त्वरित कार्रवाई की क्षमता
समारोह के दौरान चंडीगढ़ पुलिस के बेड़े में 141 नए वाहनों को शामिल किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इन वाहनों से पुलिस की आवाजाही, त्वरित प्रतिक्रिया, गश्त और आधुनिक पुलिसिंग को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी शहर में प्रभावी पुलिस व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मियों की उपलब्धता के साथ-साथ उनके पास आधुनिक संसाधन और पर्याप्त वाहन होना भी जरूरी है। नए वाहन मिलने से संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाई जा सकेगी और आपात स्थिति में पुलिस तेजी से मौके पर पहुंच सकेगी।

2152 एआई कैमरों से मजबूत होगी शहर की निगरानी
आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए अमित शाह ने बताया कि भारत सरकार की ओर से चंडीगढ़ को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित 2152 सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं।
इन कैमरों के माध्यम से शहर में निगरानी व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने और अपराधों की रोकथाम में मदद मिलेगी। तकनीक आधारित निगरानी से पुलिस को जांच और सुरक्षा प्रबंधन में भी सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पुलिसिंग का स्वरूप और अधिक तकनीक आधारित होगा। ऐसे में पुलिस बलों को आधुनिक उपकरणों, डिजिटल व्यवस्था और प्रशिक्षित मानव संसाधन के साथ आगे बढ़ना होगा।

पुलिस ड्यूटी मीट में चंडीगढ़ पुलिस ने जीते 145 पदक
अमित शाह ने चंडीगढ़ पुलिस के जवानों की पेशेवर दक्षता और प्रशिक्षण की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि भारतीय पुलिस ड्यूटी मीट में चंडीगढ़ पुलिस ने कुल 145 पदक हासिल किए हैं।
इनमें 35 स्वर्ण, 38 रजत और 72 कांस्य पदक शामिल हैं। यह उपलब्धि पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और कार्यकुशलता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि पुलिस बल की सफलता केवल अपराध नियंत्रण के आंकड़ों से नहीं मापी जा सकती, बल्कि जवानों की पेशेवर क्षमता, अनुशासन और कठिन परिस्थितियों में काम करने की योग्यता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

पुलिस परिवारों के कल्याण पर भी विशेष ध्यान
केंद्रीय गृह मंत्री ने चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग की ओर से 130 विधवा पुलिस परिवारों को प्रतिमाह 8 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके अलावा लगभग 2.25 करोड़ रुपये की शैक्षणिक और खेल छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी दिन-रात नागरिकों की सुरक्षा के लिए काम करते हैं। ऐसे में उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना भी विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
चंडीगढ़ पुलिस में आवास संतुष्टिकरण की दर 48 प्रतिशत बताई गई। यह आंकड़ा पुलिसकर्मियों के लिए आवासीय सुविधाओं को लेकर किए जा रहे प्रयासों को भी दर्शाता है।

चंडीगढ़ पुलिस के छह दशक: सेवा, शौर्य और आधुनिक बदलाव का सफर
अपने संबोधन के समापन में अमित शाह ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस ने छह दशकों में सुरक्षा, सेवा, सुशासन और नागरिकों के विश्वास को मजबूत करने का काम किया है। राष्ट्रपति निशान इस पूरे सफर की उपलब्धियों और बलिदानों का सम्मान है।
उन्होंने पुलिसकर्मियों से आह्वान किया कि वे इसी अनुशासन और समर्पण के साथ आगे बढ़ें तथा नशा तस्करी, गैंगस्टर नेटवर्क, संगठित अपराध और साइबर अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जारी रखें।
उन्होंने विशेष रूप से युवा पीढ़ी को नशे से बचाने की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
चंडीगढ़ पुलिस के लिए राष्ट्रपति निशान का सम्मान जहां छह दशकों की सेवा का राष्ट्रीय प्रमाण है, वहीं इसके साथ ही आधुनिक, तकनीक आधारित, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित पुलिसिंग की जिम्मेदारी भी और बढ़ गई है। समारोह में दिए गए संदेश से स्पष्ट है कि आने वाले समय में चंडीगढ़ पुलिस के सामने अपराध नियंत्रण के साथ-साथ नशामुक्ति, त्वरित न्याय और नागरिकों को बेहतर सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध कराने की बड़ी चुनौती और लक्ष्य दोनों रहेंगे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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