चंडीगढ़: हरियाणा की तीन नगर निगमों—अंबाला, पंचकूला और सोनीपत—का पांच वर्षीय कार्यकाल जनवरी 2026 में अलग-अलग तिथियों को पूरा हो रहा है। हालांकि, सोनीपत नगर निगम के कार्यकाल को लेकर अब एक महत्वपूर्ण कानूनी पहलू सामने आया है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा 2 जनवरी 2026 को जारी आदेश में सोनीपत नगर निगम सदन का कार्यकाल 12 जनवरी 2026 तक दर्शाया गया है, जबकि कानूनन यह कार्यकाल 6 जनवरी 2026 को ही समाप्त हो चुका था।
दरअसल, हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 के तहत किसी नगर निगम का सामान्य कार्यकाल उसकी पहली बैठक से पांच वर्ष का होता है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट और म्युनिसिपल कानून विशेषज्ञ हेमंत कुमार के अनुसार, सोनीपत नगर निगम की पहली बैठक 7 जनवरी 2021 को हुई थी, जब तत्कालीन मेयर निखिल मदान और सभी 20 नगर निगम सदस्यों को पद एवं निष्ठा की शपथ दिलाई गई थी। इसी आधार पर निगम का पांच वर्षीय कार्यकाल 6 जनवरी 2026 को पूरा हो गया।
एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने जिन प्रावधानों—हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 400(2)(बी)—का हवाला देते हुए तीनों नगर निगमों के कमिश्नरों को प्रशासक नियुक्त किया है, वह धारा मूल रूप से किसी नगर निगम को समयपूर्व भंग करने से संबंधित है, न कि उसके नियमित पांच वर्षीय कार्यकाल की समाप्ति से।

उल्लेखनीय है कि पंचकूला नगर निगम का कार्यकाल 4 जनवरी 2026 को पूरा हो चुका है, क्योंकि वहां 5 जनवरी 2021 को मेयर कुलभूषण गोयल और पार्षदों ने शपथ ली थी। वहीं, अंबाला नगर निगम का कार्यकाल 13 जनवरी 2026 को पूरा होगा, क्योंकि 14 जनवरी 2021 को वहां शपथ ग्रहण हुआ था।
ऐसे में सोनीपत नगर निगम के मामले में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आदेश में दर्शाई गई 12 जनवरी 2026 की तारीख को गलत बताते हुए इसमें संशोधन की मांग की जा रही है, ताकि कार्यकाल की समाप्ति की सही तिथि 6 जनवरी 2026 दर्ज की जा सके।












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