चंडीगढ़/नई दिल्ली: 14 जनवरी 2026, बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत विशेष है। आज माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे षटतिला एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना, उपवास और दान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से समस्त पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
आज ही मकर संक्रांति का पर्व भी मनाया जा रहा है। इसी दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं, जिसे अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना गया है। इसके साथ ही आज सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का भी दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे यह दिन नए कार्यों की शुरुआत, नई ज्वेलरी खरीदने और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है।
14 जनवरी 2026 का पंचांग
विक्रम संवत: 2082
मास: माघ
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: एकादशी
वार: बुधवार
योग: गंड
नक्षत्र: अनुराधा
करण: बलव
चंद्र राशि: वृश्चिक
सूर्य राशि: धनु
सूर्योदय: सुबह 07:16 बजे
सूर्यास्त: शाम 05:44 बजे
चंद्रोदय: तड़के 04:26 बजे (15 जनवरी)
चंद्रास्त: दोपहर 01:49 बजे
राहुकाल: 12:30 से 13:48 बजे
यमगंड: 08:35 से 09:53 बजे
कृषि कार्य और यात्रा के लिए शुभ नक्षत्र
आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में और अनुराधा नक्षत्र में स्थित रहेंगे। यह नक्षत्र 03:20 से 16:40 तक प्रभावी रहेगा। इसके स्वामी ग्रह शनि और देवता मित्र देव हैं। अनुराधा नक्षत्र को सौम्य स्वभाव का माना गया है, इसलिए यह कृषि कार्य, यात्रा, विवाह, मित्रता, नए वस्त्र धारण करने, गायन, जुलूस और ललित कलाओं से जुड़े कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।
आज के दिन का वर्जित समय
आज राहुकाल 12:30 से 13:48 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी भी प्रकार का शुभ कार्य करने से परहेज करना चाहिए। इसके अतिरिक्त यमगंड, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् काल में भी शुभ कार्य न करने की सलाह दी जाती है।
धार्मिक महत्व
षटतिला एकादशी और मकर संक्रांति के पावन संयोग में आज भगवान विष्णु की पूजा, तिल का दान, स्नान और जप करना अत्यंत शुभ माना गया है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए धार्मिक कर्म विशेष पुण्य प्रदान करते हैं।










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