गुरुग्राम, 14 जनवरी: राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम ने भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग, गुरुग्राम की संरक्षण अधिकारी मीना कुमारी के खिलाफ धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की है। यह चालान माननीय न्यायालय श्री वीरेंद्र मलिक, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे), गुरुग्राम की अदालत में प्रस्तुत किया गया।
रिपोर्ट देने के बदले मांगी थी 5 हजार की रिश्वत
जांच में सामने आया कि आरोपी संरक्षण अधिकारी ने घरेलू हिंसा से संबंधित रिपोर्ट को जेएमआईसी कोर्ट, गुरुग्राम में प्रस्तुत करने के बदले 5,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत की मांग और लेन-देन से जुड़ी रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने के चलते यह मामला भ्रष्टाचार का पुख्ता उदाहरण साबित हुआ।
शिकायत मिलते ही शुरू हुई जांच
शिकायत प्राप्त होते ही राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए। पर्याप्त प्रमाण मिलने पर आरोपी अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर विस्तृत जांच की गई।
जीरो टॉलरेंस नीति का संदेश
जांच पूरी होने के बाद आज आरोपी के खिलाफ चार्जशीट माननीय न्यायालय में दाखिल कर दी गई। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के प्रति हरियाणा सरकार और राज्य सतर्कता ब्यूरो की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को मजबूती से दर्शाती है। ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।











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