April 6, 2026 10:58 am

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DMRC और सहकार टैक्सी के बीच करार, मेट्रो स्टेशनों से मिलेगी इंटीग्रेटेड लास्ट माइल कनेक्टिविटी

नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में निर्बाध शहरी परिवहन को मजबूत करने के लिए इंटीग्रेटेड लास्ट माइल कनेक्टिविटी (LMC) सेवाएं शुरू करने जा रहा है। यह पहल आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के विजन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य मेट्रो स्टेशनों से यात्रियों को उनके गंतव्य तक आसान, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन उपलब्ध कराना है।
दिल्ली मेट्रो NCR की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ बन चुकी है और प्रतिदिन लाखों यात्रियों को सेवा देती है। हालांकि, मेट्रो नेटवर्क के बावजूद अंतिम छोर तक सुविधाजनक और किफायती कनेक्टिविटी एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए DMRC ने संगठित लास्ट माइल मोबिलिटी सेवाओं को मेट्रो संचालन से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।


इस क्रम में DMRC ने सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। सहकार टैक्सी एक मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी है, जो “भारत टैक्सी” ब्रांड के तहत मोबिलिटी सेवाएं प्रदान करती है। “भारत टैक्सी” प्लेटफॉर्म भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की पहल है, जिसका उद्देश्य सहकारी आधारित आर्थिक मॉडल को बढ़ावा देना और पारदर्शी व निष्पक्ष सेवाएं सुनिश्चित करना है।

बाइक टैक्सी, ऑटो और कैब की सुविधा
इस सहयोग के तहत DMRC के मेट्रो स्टेशनों से यात्रियों को बाइक टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और कैब सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ये सेवाएं यात्रियों को दूरी, समय, किराया और सुविधा के अनुसार कई विकल्प देंगी, जिससे अनियोजित या असंगठित परिवहन पर निर्भरता कम होगी।
प्रारंभिक चरण में 10 चिन्हित मेट्रो स्टेशनों से लास्ट माइल कनेक्टिविटी सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके अलावा पायलट प्रोजेक्ट के तहत 31 जनवरी 2026 तक मिलेनियम सिटी सेंटर और बॉटनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन पर समर्पित बाइक टैक्सी सेवाएं शुरू होंगी। पायलट चरण के अनुभव के आधार पर आगे विस्तार किया जाएगा।

डिजिटल इंटीग्रेशन से एकीकृत यात्रा अनुभव
इस पहल की खास बात डिजिटल इंटीग्रेशन है। “भारत टैक्सी” मोबाइल ऐप (एंड्रॉयड और iOS पर उपलब्ध) को DMRC की ‘सार्थी’ ऐप से जोड़ा जाएगा। इसके बाद यात्रियों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मेट्रो और लास्ट माइल सेवाओं की योजना बनाने, बुकिंग करने और यात्रा पूरी करने की सुविधा मिलेगी।
ऐप इंटीग्रेशन के जरिए यात्री मेट्रो स्टेशनों पर उपलब्ध लास्ट माइल विकल्प देख सकेंगे, किराए का अनुमान ले सकेंगे, वाहन ट्रैक कर सकेंगे और आसानी से अपनी यात्रा पूरी कर पाएंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रतीक्षा समय कम होगा और सेवा की विश्वसनीयता में सुधार होगा।

किराया रहेगा किफायती
DMRC के अनुसार, इन सेवाओं के किराए मौजूदा बाजार दरों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी रहेंगे। पीक ऑवर्स में मांग के अनुसार किराए में वृद्धि हो सकती है, लेकिन इसे एक निश्चित सीमा में रखा जाएगा ताकि यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। किराया संरचना यात्रियों की सुविधा और सेवा प्रदाताओं की आर्थिक स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखेगी।

स्टेशनों पर साइनज और जागरूकता
यात्रियों को लास्ट माइल कनेक्टिविटी सेवाओं की जानकारी देने के लिए मेट्रो स्टेशनों पर उचित साइनज लगाए जाएंगे। इनमें बुकिंग प्रक्रिया, सेवा स्थान और उपलब्ध विकल्पों की जानकारी दी जाएगी, जिससे यात्रियों को सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम
यह पहल DMRC की सतत और पर्यावरण-अनुकूल शहरी परिवहन के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने से प्रदूषण में कमी आएगी और दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
DMRC का मानना है कि इंटीग्रेटेड लास्ट माइल कनेक्टिविटी से सार्वजनिक परिवहन की आकर्षण क्षमता बढ़ेगी, निजी वाहनों से मेट्रो की ओर लोगों का रुझान बढ़ेगा और डिजिटल व सहकारी मॉडल आधारित विकास को भी बल मिलेगा।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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