मुख्य सचिव ने दिए सुधार एवं पारदर्शिता के निर्देश
चंडीगढ़, 15 जनवरी 2026: हाल ही में चंडीगढ़ में गौवंश की मृत्यु की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की।। यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, आईएएस नेगुरुवार को रायपुर कलां स्थित गौशालाओं, चंडीगढ़ के दो गौशालाओं, इन्सिनरेटर और रायपुर कलां एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने गौवंश और कुत्तों की देखभाल, रख-रखाव और कल्याण हेतु उपलब्ध व्यवस्थाओं का समग्र आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने गौशालाओं में शेल्टर, स्वच्छता, हरे और सूखे चारे की उपलब्धता, पेयजल, पशु चिकित्सा सेवाएं, अपशिष्ट प्रबंधन और समग्र रख-रखाव की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत कर कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
प्रसाद ने बताया कि वर्तमान में चंडीगढ़ की गौशालाओं में लगभग 1,000 गायें रखी गई हैं और उनके लिए आवास, चारा और पेयजल जैसी सभी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गौशाला में स्थापित इन्सिनरेटर तकनीकी खराबी के कारण कुछ दिनों से बंद था, जिसे शीघ्र मरम्मत कर चालू किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने सभी गौशालाओं में मानव संसाधन, पशु चिकित्सक और सहायक स्टाफ का विवरण और दैनिक ड्यूटी रोस्टर प्रमुखता से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, हरे और सूखे चारे की दैनिक उपलब्धता और खपत की जानकारी के लिए पृथक डिस्प्ले बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने सीसीटीवी निगरानी का कड़ाई से पालन करने, चौबीसों घंटे गतिविधियों की समीक्षा करने और गौशालाओं को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश भी दिए। साथ ही, गौशाला परिसर के असमतल क्षेत्रों को समतल करने के लिए भी निर्देश जारी किए गए, ताकि जल निकासी और स्वच्छता सुनिश्चित हो सके।
मुख्य सचिव ने पशु कल्याण के प्रति चंडीगढ़ प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नियमित निरीक्षण, मानकों का पालन और बुनियादी ढांचे का समय पर रख-रखाव गौशालाओं के सुचारू और मानवीय संचालन के लिए आवश्यक हैं।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ मंदीप सिंह बराड़, गृह सचिव; अमित कुमार, आयुक्त, नगर निगम; प्रदीप कुमार, सचिव, पशुपालन एवं विशेष आयुक्त, नगर निगम तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

जांच और कार्रवाई:
मौत की घटना के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर कई अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है, जिनमें चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य डॉ. इंदरदीप कौर, संविदा पशु चिकित्सक डॉ. रविंदर सिंह ढिल्लों, स्वच्छता निरीक्षक रामलाल सिंह, पर्यवेक्षक लवली और अन्य एमटीएस स्टाफ शामिल हैं। इसके अलावा, प्रवीण कुमार, निरीक्षक कैटल पाउंड, रायपुर कलां को भी निलंबित किया गया।
प्रशासन के निर्देश:
मुख्य सचिव ने गौशालाओं में मानव संसाधन और ड्यूटी रोस्टर प्रमुखता से प्रदर्शित करने, चारे की दैनिक उपलब्धता डिस्प्ले बोर्ड पर दिखाने और सीसीटीवी निगरानी कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने गौशालाओं के असमतल क्षेत्रों को समतल कर जल निकासी और स्वच्छता सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया।
मुख्य सचिव ने कहा, “पशु कल्याण और नगर निगम की सुविधाओं के संचालन में जवाबदेही से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमित निरीक्षण, निर्धारित मानकों का पालन और बुनियादी ढांचे का समय पर रख-रखाव सुनिश्चित कर गौशालाओं के सुचारू और मानवीय संचालन को लगातार बनाए रखा जाएगा।”











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