चंडीगढ़, 16 जनवरी। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने आयोग से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि RA-LP-73/2024 – अभिनव बनाम हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग एवं अन्य से संबंधित पुनर्विचार याचिकाएं पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिनमें न्यायालय द्वारा निर्णय सुरक्षित रखा गया है।
उन्होंने बताया कि यह मामला राज्य सरकार की 05 मई 2022 की CET नीति से संबंधित है, जिसके तहत भर्ती प्रक्रिया को दो चरणों में आयोजित किया गया था। पहले चरण की परीक्षा केवल क्वालिफाइंग प्रकृति की थी, जबकि अंतिम चयन दूसरे चरण की लिखित अथवा कौशल परीक्षा के आधार पर किया जाना था।
श्री हिम्मत सिंह ने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष सभी आवश्यक हलफनामे दायर कर यह स्थिति स्पष्ट की गई है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह CET अंकों पर आधारित रही है। उन्होंने यह भी दोहराया कि किसी भी अभ्यर्थी को सामाजिक-आर्थिक मानदंडों का अनुचित लाभ नहीं दिया गया।
आयोग ने न्यायालय द्वारा पारित प्रत्येक आदेश का अक्षरशः पालन किया है और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए अपना पक्ष पूरी मजबूती से रखा है।
उन्होंने आश्वस्त किया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग भविष्य में भी निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नियमों के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा।













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