April 6, 2026 12:14 am

April 6, 2026 12:14 am

दिल्ली पुलिस ने ऑटो लिफ्टर्स के अंतरराज्यीय सिंडिकेट का किया भंडाफोड़

महंगी ऑन-डिमांड गाड़ियां चोरी कर पंजाब–हिमाचल में बदले जाते थे रजिस्ट्रेशन, 16 वाहन बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की इंटरस्टेट सेल ने ऑटो चोरी के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी क्राइम ब्रांच आदित्य गौतम ने रविवार को प्रेस वार्ता में इस कार्रवाई का खुलासा किया।
डीसीपी के अनुसार, यह संगठित गिरोह दिल्ली से महंगी और ऑन-डिमांड गाड़ियों की चोरी करता था और उन्हें पंजाब व हिमाचल प्रदेश ले जाकर चेसिस नंबर में छेड़छाड़ तथा फर्जी दस्तावेजों के जरिए दोबारा रजिस्ट्रेशन कराता था। इसके बाद इन गाड़ियों को देश के विभिन्न राज्यों में बेचा जाता था। चौंकाने वाली बात यह है कि कई मामलों में चोरी की गई गाड़ियां रजिस्ट्रेशन बदलवाकर दोबारा दिल्ली में ही खपा दी जाती थीं।

तीन आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क कई राज्यों में फैला
पुलिस ने इस मामले में दिल्ली निवासी अमनदीप, पंजाब निवासी दमनदीप और चंडीगढ़ निवासी अरविंद शर्मा को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि गाड़ी चोरी होने के बाद सबसे पहले अमनदीप को सूचना दी जाती थी। वह ड्राइवरों को हायर कर चोरी की गाड़ियों को दिल्ली से पंजाब तक पहुंचवाता था।
अधिकतर ड्राइवरों को यह नहीं बताया जाता था कि वाहन चोरी का है। उन्हें लोन डिफॉल्ट की गाड़ी बताकर प्रति ट्रिप लगभग 1500 रुपये दिए जाते थे, जबकि अमनदीप को प्रति वाहन करीब 50 हजार रुपये का भुगतान किया जाता था।

16 महंगी गाड़ियां बरामद, 100 से ज्यादा चोरी की कबूलोक्ति
दिल्ली पुलिस अब तक इस गिरोह से जुड़ी 16 गाड़ियां बरामद कर चुकी है, जिनमें
8 टोयोटा फॉर्च्यूनर
5 किआ सेल्टोस
1 हुंडई वेन्यू
1 महिंद्रा थार
1 हुंडई क्रेटा
शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने अब तक कम से कम 100 गाड़ियां चोरी कर बेचने की बात कबूल की है। ये वाहन बाजार मूल्य के 60 से 70 प्रतिशत दाम पर बेचे जाते थे, जबकि दमनदीप को प्रति वाहन करीब पांच लाख रुपये तक का मुनाफा होता था।

ऑन-डिमांड होती थी चोरी, छापेमारी जारी
डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि गाड़ियों की चोरी पूरी तरह ऑन-डिमांड की जाती थी। जिस मॉडल, रंग और वेरिएंट की मांग होती थी, उसी के अनुसार पहले रेकी की जाती थी और फिर चोरी को अंजाम दिया जाता था। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
पुलिस को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और भी गाड़ियों की बरामदगी के साथ पूरे गिरोह का पूरी तरह खुलासा किया जाएगा

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

2 9 1 3 3 5
Total Users : 291335
Total views : 493631

शहर चुनें