अकालियों की वापसी का मतलब बेअदबी, गोलीबारी और गुंडागर्दी का काला दौर: मान
मजीठा (अमृतसर), 18 जनवरी: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि गुरु साहिबान के सिपाही बनने की बजाय वे सुखबीर सिंह बादल के सिपाही बने हुए हैं, जो पंथ के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी मुखिया के राज्य को फिर से बेअदबी और गुंडागर्दी के काले दौर में धकेलने के मंसूबों को पंजाब के लोग कभी सफल नहीं होने देंगे।

मजीठा में राज्य स्तरीय समागम के दौरान 23 ग्रामीण लिंक सड़कों के नवीनीकरण कार्यों का नींव पत्थर रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में अब डर, “परची” (जबरन वसूली) और अकालियों की धक्केशाही का दौर समाप्त हो चुका है। राज्य ने विकास, जवाबदेही और लोक-कल्याण आधारित राजनीति को चुना है। उन्होंने चेतावनी दी कि अकालियों की सत्ता में वापसी का अर्थ बेअदबी की घटनाओं, निर्दोष लोगों पर गोलीबारी और दमनकारी शासन की ओर लौटना होगा।

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि मजीठा और आसपास के इलाकों में कभी डर का साया था, जहां झूठे मामलों का इस्तेमाल आम लोगों को दबाने के लिए किया जाता था। कांग्रेस और अकाली दल की मिलीभगत से लोगों में भय का माहौल बना, लेकिन अब यह पूरी तरह खत्म हो चुका है। “अब लोगों का राज है और संकीर्ण, डराने-धमकाने वाली राजनीति को जनता ने खारिज कर दिया है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार के संदर्भ में कहा कि उस दिन जनरल डायर को रात के खाने पर बुलाना पंजाब के साथ विश्वासघात था, जिसे लोग कभी नहीं भूल सकते। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि धार्मिक संस्थाओं को गुरु साहिब की सेवा करनी चाहिए, न कि किसी राजनीतिक परिवार की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों और एसजीपीसी के गलत कार्यों के कारण ही सरकार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के लापता 328 सरूपों की जांच के लिए एसआईटी गठित करनी पड़ी। “हमारा उद्देश्य केवल सरूपों का पता लगाना है, धार्मिक संस्थाओं में दखल देना नहीं,” उन्होंने स्पष्ट किया।
श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इसके सम्मान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है, जबकि अकाली दल ने जत्थेदारों की मनमानी नियुक्ति और बर्खास्तगी कर संस्थाओं की पवित्रता को ठेस पहुंचाई।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में मजीठा से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार तलबीर सिंह गिल होंगे। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि लोग याचिकाकर्ता नहीं, बल्कि शासन में भागीदार बनें।
विकास कार्यों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मजीठा हलके में 11.32 करोड़ रुपये की लागत से 23 ग्रामीण लिंक सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा। इसमें अगले पांच वर्षों में सड़कों के सुधार और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में करीब 43 हजार किलोमीटर लिंक सड़कों के सुधार का व्यापक कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिससे किसानों और ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा।

लोक-कल्याणकारी पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता संभालते ही 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली दी गई, किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई और आम आदमी क्लिनिक व स्कूल ऑफ एमिनेंस जैसी योजनाओं से प्रशासन को पूरी तरह जनहितकारी बनाया गया।
सीमावर्ती किसानों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास लगी बाड़ को आगे स्थानांतरित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिससे हजारों एकड़ भूमि पर खेती आसान होगी।
कार्यक्रम से पहले लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक सरवन सिंह धुन्न, वरिष्ठ आप नेता तलबीर सिंह गिल सहित कई नेता और गणमान्य उपस्थित थे











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