सभी डिवीजनों में बनेगी त्वरित प्रतिक्रिया टीम, नई एसडीआरएफ बटालियन के गठन का निर्णय : डॉ. सुमिता मिश्रा
चंडीगढ़ | 19 जनवरी 2026 । आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025 के पूर्ण अनुपालन की दिशा में हरियाणा सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। हरियाणा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एचएसडीआरएफ) की स्थापना को लेकर आज एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता वित्तायुक्त राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग, डॉ. सुमिता मिश्रा ने की। बैठक में बल की स्थापना से संबंधित प्रगति की समीक्षा करते हुए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने राज्य में मौजूदा आपदा प्रतिक्रिया तंत्र की गहन समीक्षा की। प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के दौरान त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, जनशक्ति की तैनाती, विशेष प्रशिक्षण प्रोटोकॉल और परिचालन तत्परता पर विस्तार से चर्चा की गई।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि सरकार ने एक नई एसडीआरएफ बटालियन के गठन का निर्णय लिया है, जिसमें अधिकतम संख्या अग्निवीरों की होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी संवेदनशील स्थिति से निपटने के लिए राज्य के सभी डिवीजनों में एक-एक त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) का गठन किया जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि 29 मार्च 2025 को अधिसूचित आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025 राज्यों को विशेष आपदा प्रतिक्रिया अभियानों के लिए समर्पित राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल गठित करने का अधिकार देता है। इसी क्रम में हरियाणा ने व्यापक अंतर-विभागीय समन्वय शुरू किया है और पुलिस व गृह विभाग को बल को शीघ्र चालू करने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा एसडीआरएफ की स्थापना, संगठन, प्रशिक्षण और तैनाती से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश भी तैयार किए गए हैं।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि हरियाणा के पास पहले से ही प्रशिक्षित आपदा प्रतिक्रिया कर्मियों का मजबूत आधार मौजूद है। आईआरबी भोंडसी की पहली बटालियन नोडल आपदा प्रतिक्रिया इकाई के रूप में कार्य कर रही है, जिसमें 594 पुलिसकर्मी कोलैप्स स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू, फ्लड रेस्क्यू और केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एवं न्यूक्लियर (सीबीआरएन) प्रतिक्रिया में प्रशिक्षित हैं। एनडीआरएफ द्वारा उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है।
बैठक में भारत सरकार द्वारा डेडिकेटेड एसडीआरएफ की स्थापना के लिए निर्धारित शर्तों की भी समीक्षा की गई, जिनमें स्वीकृत पद, समर्पित बुनियादी ढांचा, विशेष वर्दी व उपकरण और वरिष्ठ स्तर का नेतृत्व शामिल है। गृह विभाग ने 1,149 पदों वाली एक पूर्ण बटालियन को मंजूरी दे दी है।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी संबंधित विभागों को समय-सीमा, संसाधन आवश्यकताओं, बुनियादी ढांचा विकास योजना, प्रशिक्षण कार्यक्रम और चरणबद्ध कार्यान्वयन नीति के साथ एक समग्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक समर्पित और पेशेवर रूप से प्रशिक्षित राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की स्थापना से हरियाणा की आपदाओं और आपात स्थितियों में त्वरित व प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और सार्वजनिक सुरक्षा व नागरिक कल्याण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।













Total Users : 323590
Total views : 540318