July 14, 2026 8:05 am

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ग्रीनलैंड में बढ़ता सैन्य तनाव: पिटुफिक स्पेस बेस पर NORAD के एयरक्राफ्ट तैनात करेगा अमेरिका

वॉशिंगटन:अमेरिका ग्रीनलैंड के पिटुफिक स्पेस बेस पर नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) के एयरक्राफ्ट तैनात करने जा रहा है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब डेनमार्क के अर्द्ध-स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को लेकर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ा हुआ है।

NORAD ने स्पष्ट किया है कि एयरक्राफ्ट की यह तैनाती लंबे समय से योजनाबद्ध गतिविधियों के समर्थन के लिए की जा रही है। कमांड के अनुसार, यह कार्रवाई डेनमार्क और ग्रीनलैंड सरकार के साथ समन्वय में की गई है और सभी आवश्यक राजनयिक मंजूरियां प्राप्त कर ली गई हैं।
NORAD ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि उसके एयरक्राफ्ट जल्द ही ग्रीनलैंड के पिटुफिक स्पेस बेस पर पहुंचेंगे। ये एयरक्राफ्ट अमेरिका और कनाडा के बेस से संचालित होंगे और अमेरिका, कनाडा व डेनमार्क के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाएंगे। बयान में यह भी कहा गया कि ग्रीनलैंड सरकार को प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी दे दी गई है।
NORAD ने बताया कि वह उत्तरी अमेरिका की सुरक्षा के लिए नियमित रूप से लगातार ऑपरेशन करता है, जो इसके तीन क्षेत्रों—अलास्का, कनाडा और कॉन्टिनेंटल अमेरिका—के माध्यम से संचालित होते हैं।
अमेरिका का यह कदम डेनमार्क के नेतृत्व में हाल ही में आयोजित एक मल्टीनेशनल सैन्य अभ्यास के बाद सामने आया है। यह अभ्यास ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर आयोजित किया गया था, जिसमें जर्मनी, स्वीडन, फ्रांस, नॉर्वे, नीदरलैंड्स और फिनलैंड ने सीमित संख्या में अपने सैन्य कर्मियों को ग्रीनलैंड भेजा। डेनमार्क ने इस अभ्यास में अमेरिका को भी शामिल होने का आमंत्रण दिया था।
इसी बीच, ग्रीनलैंड को लेकर अपने रुख को और सख्त करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने डेनमार्क और ब्रिटेन सहित अन्य यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि यदि ये देश ग्रीनलैंड बेचने के लिए सहमत नहीं होते, तो 1 फरवरी 2026 से 10 प्रतिशत और 1 जून 2026 से 25 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाए जाएंगे।
ट्रंप ने अपने बयान में दावा किया कि ग्रीनलैंड पर नियंत्रण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है और इस क्षेत्र में चीन तथा रूस की बढ़ती दिलचस्पी का भी उल्लेख किया। उन्होंने यूरोपीय देशों के साथ बातचीत का प्रस्ताव जरूर रखा, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि समझौता न होने की स्थिति में कड़े आर्थिक कदम उठाए जाएंगे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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