April 6, 2026 3:16 am

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चंडीगढ़ में अब भी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाने की तैयारी, केंद्र को भेजा गया प्रस्ताव

सेक्टर-53 के नए हाउसिंग प्रोजेक्ट में दिखेंगी ऊंची इमारतें, सीमित जमीन के बेहतर इस्तेमाल की योजना

चंडीगढ़: दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम की तर्ज पर अब चंडीगढ़ में भी मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का रास्ता खुलने वाला है। सीमित भौगोलिक क्षेत्र और लगातार बढ़ती आवासीय मांग को देखते हुए यूटी प्रशासन ने शहर में ऊंची इमारतों के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने मल्टी स्टोरी बिल्डिंग और फ्लोर एरिया रेश्यो (FAR) बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है।
यदि केंद्र से हरी झंडी मिलती है, तो आने वाले समय में चंडीगढ़ के नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में ऊंची-ऊंची इमारतें नजर आएंगी। प्रशासन का मानना है कि शहर का विस्तार अब संभव नहीं है, ऐसे में जमीन का वर्टिकल यानी ऊर्ध्वाधर उपयोग ही एकमात्र विकल्प है।

दक्षिणी सेक्टरों में बढ़ेगा FAR
सूत्रों के अनुसार, चंडीगढ़ के दक्षिणी क्षेत्रों में रेजिडेंशियल जोन के लिए FAR बढ़ाने की तैयारी है, ताकि कम जमीन में अधिक आवासीय यूनिट्स तैयार की जा सकें। इस प्रस्ताव पर यूटी के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी), एस्टेट ऑफिस, इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत मंथन किया है।
प्रशासन का कहना है कि मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनने से आम लोगों को फ्लैट्स के अधिक विकल्प मिलेंगे, वहीं फ्लोर-वाइज प्रॉपर्टी खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए भी नए अवसर खुलेंगे।
निजी भागीदारी का मॉडल, जमीन सीएचबी की रहेगी
मुख्य सचिव एवं सीएचबी चेयरमैन एच. राजेश प्रसाद ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और नियमों के तहत होगी। जमीन सीएचबी की ही रहेगी, जबकि निर्माण कार्य निजी डेवलपर द्वारा किया जाएगा। इससे पहले वर्ष 2008 में भी सीएचबी ने आईटी पार्क क्षेत्र में पार्श्वनाथ डेवलपर्स के साथ जॉइंट वेंचर किया था, लेकिन वह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी थी।

सेक्टर-53 बनेगा मॉडल हाउसिंग प्रोजेक्ट
प्रशासन की योजना के अनुसार सेक्टर-53 में प्रस्तावित नया हाउसिंग प्रोजेक्ट इस कॉन्सेप्ट का मॉडल बनेगा। यहां मल्टी स्टोरी इमारतों का निर्माण किया जाएगा। सेक्टर-53 की जमीन को प्लॉट के आधार पर ई-ऑक्शन के जरिए निजी बिल्डर या डेवलपर को दिया जाएगा, जो फ्लैट्स का निर्माण कर उन्हें बाजार दर पर बेचेगा।

21 एकड़ जमीन को तीन हिस्सों में बांटेगा सीएचबी
सीएचबी सेक्टर-53 की कुल 21 एकड़ जमीन को तीन हिस्सों में विभाजित करेगा। करीब 11 एकड़ जमीन यूटी कर्मचारियों के लिए सामान्य आवास योजना के तहत आरक्षित रहेगी, जबकि शेष जमीन ई-ऑक्शन के जरिए निजी डेवलपर्स को दी जाएगी। इसमें से करीब 9 एकड़ प्राइम जमीन को निजी डेवलपर को नीलाम करने का फैसला किया गया है।
पहले घोषित सेक्टर-53 हाउसिंग स्कीम में थ्री बेडरूम फ्लैट की कीमत करीब 2.30 करोड़ रुपये, टू बेडरूम फ्लैट की कीमत लगभग 1.97 करोड़ रुपये और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए करीब 74 लाख रुपये तय की गई थी। कलेक्टर रेट बढ़ने के चलते आगे इन दरों में और इजाफा होने की संभावना है।

मोहाली-पंचकूला की ओर बढ़ा निवेश, सेक्टर-53 से बदलेगा ट्रेंड
लंबे समय से चंडीगढ़ में नया हाउसिंग प्रोजेक्ट न आने के कारण खरीदारों और निवेशकों का रुझान मोहाली और पंचकूला की ओर बढ़ गया था। ऐसे में सेक्टर-53 का नया प्रोजेक्ट बाजार में बेहतर रिस्पॉन्स हासिल कर सकता है।
इसके साथ ही सीएचबी की नीड-बेस्ड चेंज नीति की समीक्षा भी चल रही है। इसके लिए 11 सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो दो सप्ताह में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। माना जा रहा है कि इस नीति में मिलने वाली संभावित छूट से सेक्टर-53 के नए हाउसिंग प्रोजेक्ट को भी सीधा लाभ मिलेगा।
योजना के अनुसार मार्च तक जमीन की प्रक्रिया पूरी कर प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी है। पहली बार किसी निजी डेवलपर को आवासीय फ्लैट्स के निर्माण और आवंटन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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