August 28, 2026 1:14 am

August 28, 2026 1:14 am

दिल्ली में 112 बनेगा एकमात्र इमरजेंसी नंबर, 11 हेल्पलाइन होंगी Cm

नई दिल्ली: राजधानी में आपात सेवाओं को और अधिक तेज, सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब दिल्ली में किसी भी तरह की आपदा या आपात स्थिति के लिए अलग-अलग हेल्पलाइन नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होगी। पुलिस, फायर, एंबुलेंस समेत सभी आपात सेवाओं के लिए सिर्फ 112 ही एकमात्र इमरजेंसी नंबर होगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल दिल्ली में पुलिस (100), फायर (101), एंबुलेंस (108), महिला हेल्पलाइन (181), बाल सहायता (1098) समेत कुल 11 अलग-अलग आपात नंबर संचालित हैं, जिससे संकट की स्थिति में आम लोगों को भ्रम और देरी का सामना करना पड़ता है।

ERSS 2.0 के तहत लागू होगी नई व्यवस्था
सीएम ने बताया कि यह व्यवस्था इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) 2.0 के तहत लागू की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय पहले ही 112 को राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर घोषित कर चुका है। इसके तहत सभी इमरजेंसी कॉल, मोबाइल ऐप अलर्ट, पैनिक बटन, एसएमएस और वेब अलर्ट एक ही कंट्रोल सेंटर (PSAP) पर पहुंचेंगे।

लोकेशन अपने आप होगी ट्रेस
नई प्रणाली की खास बात यह है कि 112 पर कॉल करते ही सिस्टम कॉल करने वाले की लोकेशन अपने आप पहचान लेगा। इससे कंट्रोल रूम से सबसे नजदीकी पुलिस वैन, एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड को तुरंत रवाना किया जा सकेगा और गोल्डन ऑवर में कीमती समय बचेगा।

निगरानी और जवाबदेही होगी मजबूत
ERSS 2.0 के तहत एक आधुनिक डैशबोर्ड के जरिए यह भी देखा जा सकेगा कि कौन-सी टीम भेजी गई है और वह कितनी देर में मौके पर पहुंचेगी। देरी की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था तुरंत की जा सकेगी, जिससे जवाबदेही तय होगी।

चरणबद्ध तरीके से होगा लागू
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में सभी मौजूदा आपात नंबरों को 112 में समाहित किया जाएगा। इसके बाद तकनीकी अपग्रेड, कॉल-टेकर्स का प्रशिक्षण और व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मेट्रो, बसों, सरकारी दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों पर 112 के प्रचार-प्रसार के लिए डिस्प्ले लगाए जाएंगे।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य दिल्ली को एक सुरक्षित, स्मार्ट और संवेदनशील राजधानी बनाना है, ताकि आपात स्थिति में नागरिकों को समय पर और भरोसेमंद मदद मिल सके।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

3 9 9 2 4 9
Total Users : 399249
Total views : 644483

शहर चुनें