पंजाब अब देश में गन्ने का सबसे अधिक भाव देने वाला राज्य
चंडीगढ़, 20 जनवरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में आज हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में किसान-कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गन्ना किसानों के लिए बड़ा फैसला लिया गया। मंत्रिमंडल ने 2025-26 पिराई सीजन के लिए निर्धारित स्टेट एग्रीड प्राइस (SAP) में से ₹68.50 प्रति क्विंटल की सीधी सब्सिडी देने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पंजाब देश में गन्ने का सबसे अधिक भाव देने वाला राज्य बना हुआ है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब सरकार पहले ही गन्ने के लिए ₹416 प्रति क्विंटल SAP निर्धारित कर चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹15 अधिक है। सीधी सब्सिडी के इस फैसले से गन्ना किसानों की आय सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी और उन्हें समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा।
योगशाला को मजबूती, 1,000 योग प्रशिक्षकों के नए पद
जन स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने ‘सीएम दी योगशाला’ प्रोजेक्ट के तहत 1,000 योग प्रशिक्षकों के नए पद सृजित करने को भी हरी झंडी दी है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में ₹35 करोड़ का बजट प्रावधान किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य स्वस्थ और तंदुरुस्त पंजाब का निर्माण करना है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती
स्वास्थ्य क्षेत्र में एक अहम फैसले के तहत मंत्रिमंडल ने मुक्तसर जिले के गांव बादल, तरन तारन जिले के खडूर साहिब, सीएचसी जलालाबाद और फाजिल्का जिले के टर्शरी केयर सेंटर को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS), फरीदकोट को सौंपने की मंजूरी दे दी है। इससे इन क्षेत्रों के लोगों को उन्नत चिकित्सा सुविधाएं और विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी।
शहरी प्रशासन और भूमि प्रबंधन में सुधार
कैबिनेट ने पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर म्यूनिसिपल एक्ट, 2020 के तहत सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों की म्यूनिसिपल संपत्तियों को जनहित कार्यों के लिए हस्तांतरित करने संबंधी नीति को मंजूरी दी। इससे विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी और सरकारी भूमि के दुरुपयोग पर रोक लगेगी।
साथ ही, म्यूनिसिपल सीमाओं के भीतर सरकारी-लाइसेंसशुदा परियोजनाओं में आने वाले खाली रास्तों और जल मार्गों (खालों) के बिक्री या एक्सचेंज के लिए भी नीति को स्वीकृति दी गई है।
रियल एस्टेट और ई-ऑक्शन से जुड़े अहम फैसले
मंत्रिमंडल ने PAPRA लाइसेंसशुदा परियोजनाओं के लिए समय-सीमा को 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक एक वर्ष बढ़ाने की मंजूरी दी है। यह विस्तार ₹25,000 प्रति एकड़ एक्सटेंशन फीस पर अधिकतम तीन वर्षों तक मिलेगा।
इसके अलावा, ई-ऑक्शन नीति 2025 में संशोधन कर जनवरी 2026 के बाद नीलामी की जाने वाली संपत्तियों के लिए अतिरिक्त FAR की लागत तय करने के फॉर्मूले को भी मंजूरी दी गई।
सेवा नियमों और बागवानी क्षेत्र में सुधार
कैबिनेट ने पंजाब सिविल सर्विसेज (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1994 में संशोधन कर यह स्पष्ट किया कि न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की गणना आवेदन की अंतिम तिथि तक की जाएगी।
फसली विविधता को बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार ने जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के साथ साझेदारी को भी मंजूरी दी है। इस सहयोग से बागवानी विकास, कोल्ड चेन, जल प्रबंधन और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था में बागवानी क्षेत्र का योगदान दोगुना करने का लक्ष्य है।
कैबिनेट के ये फैसले मान सरकार की किसान-हितैषी, स्वास्थ्य-केंद्रित और विकासोन्मुखी नीति को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।












Total Users : 291259
Total views : 493518