चंडीगढ़, 24 जनवरी 2026। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच.एस. लक्की, सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी, डिप्टी मेयर तरुणा मेहता, पार्षद गुरप्रीत गाबी, सचिन गालव, दर्शना राणी और निर्मला देवी ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं और मेयर द्वारा शुक्रवार की गई प्रेस वार्ता का करारा जवाब दिया।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा मेयर द्वारा गिनाई गई तथाकथित “उपलब्धियों” को तथ्यों के आधार पर पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि बीता एक वर्ष विफलताओं, अव्यवस्था और जनविरोधी फैसलों से भरा रहा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वर्तमान मेयर का कार्यकाल चंडीगढ़ के इतिहास में प्रशासनिक अराजकता, संवेदनहीनता और दिशाहीनता का प्रतीक बन चुका है।
प्रमुख आरोप और विफलताएँ:
गौशाला कांड: मलोया गौशाला में करंट लगने से 8 गायों और एक नंदी की मौत। रायपुरकलां गौशाला में 50 से अधिक पशुओं की मौत प्रशासनिक संवेदनहीनता का प्रमाण।
आर्थिक कुप्रबंधन: निगम कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पेंशन फंड का इस्तेमाल, फंड की कमी के चलते जनता और कर्मचारियों को परेशान होना पड़ा।
जल व्यवस्था विफल: मनीमाजरा में 24 घंटे पानी सप्लाई का दावा फेल; पानी कनेक्शन और एनओसी के लिए जनता को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़े।
रोजगार पर हमला: फायर ब्रिगेड, ट्यूबवेल ऑपरेटर, कोविड स्टाफ और स्काडा कर्मियों को नौकरी से बाहर किया गया।
जनता पर आर्थिक बोझ: प्रॉपर्टी टैक्स तीन गुना बढ़ाने का प्रयास, भारी जनविरोध के बाद भी इसे दो गुना करने पर मजबूर होना पड़ा।
निगम की स्वायत्तता पर चोट: प्रमुख सड़कों को प्रशासन को सौंपने से निगम कमजोर; बड़े प्रोजेक्ट और जमीन सौदे फेल।
स्वच्छता व्यवस्था ध्वस्त: डडूमाजरा डंपिंग ग्राउंड का कचरा बिना प्रोसेसिंग अन्य जिलों में भेजा गया; पृथक्करण व्यवस्था चरमरा गई।
झूठे विकास वादे: मेट्रो प्रोजेक्ट केवल कागज़ों में; संसद में पूछे गए सवालों ने भाजपा के खोखले दावों को उजागर किया।
लोकतांत्रिक मर्यादाओं की अवहेलना: महापौर ने महत्वपूर्ण बैठकों में एकतरफा भूमिका निभाई; सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर की अनदेखी।
कांग्रेस ने कहा कि जनता का निष्कर्ष एकदम स्पष्ट है:
“सड़कों में गड्ढे नहीं, गड्ढों में सड़कें हैं।”
बीते एक वर्ष में चंडीगढ़ की छवि को हुए नुकसान की तुलना पिछले 30 वर्षों से नहीं की जा सकती।
सांसद मनीष तिवारी के योगदान पर भाजपा के आरोप भ्रामक
कांग्रेस ने भाजपा द्वारा फैलाए गए भ्रम को खारिज किया और बताया कि सांसद मनीष तिवारी ने नगर निगम को मजबूत बनाने के लिए 1700 करोड़ रुपये का हक दिलाने के लिए लगातार प्रयास किया। उन्होंने जनता द्वारा सीधे चुना गया मेयर प्रणाली और डडूमाजरा कचरे के मुद्दे पर लगातार आवाज उठाई।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि जनता सब देख रही है और दिसंबर 2026 में होने वाले नगर निगम चुनावों में भाजपा को अपनी विफलताओं का पूरा हिसाब देना होगा।











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