April 6, 2026 8:32 am

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बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल से ठप सरकारी बैंक

दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग, लगातार चार दिन बंद रहीं शाखाएं
चंडीगढ़/नई दिल्ली: आज, 27 जनवरी 2026 को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर देशभर के सरकारी बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। बैंक कर्मचारी लंबे समय से लंबित पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण नकदी जमा-निकासी, चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट और शाखा से जुड़ी अन्य आवश्यक बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।
पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह मुख्य मांग
UFBU, जो नौ प्रमुख बैंक यूनियनों का संयुक्त मंच है, सभी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित करने की मांग कर रहा है। यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ हुए वेतन समझौते में इस मांग पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी थी, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अब तक इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
यूनियनों का तर्क है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और केंद्र सरकार के कार्यालयों में पहले से ही पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है, ऐसे में बैंकों में भी इसे लागू किया जाना चाहिए।

लगातार चार दिन बैंक सेवाएं बाधित
ग्राहकों के लिए यह हड़ताल खासा परेशान करने वाली साबित हुई है। 24 जनवरी (चौथा शनिवार), 25 जनवरी (रविवार) और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) की छुट्टियों के बाद 27 जनवरी को हड़ताल होने से बैंक शाखाएं लगातार चार दिनों तक बंद रहीं। इससे शाखा-स्तरीय सेवाओं में लंबा अंतराल आ गया है।

ये बैंक सबसे ज्यादा प्रभावित
हड़ताल का सबसे अधिक असर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर पड़ा है। इनमें प्रमुख रूप से:
भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB)
केनरा बैंक
इन बैंकों ने पहले ही अपने ग्राहकों को संभावित व्यवधान को लेकर सूचित कर दिया था।
निजी बैंकों पर असर नहीं
निजी क्षेत्र के बैंक इस हड़ताल से लगभग अप्रभावित रहे। HDFC बैंक, ICICI बैंक और Axis बैंक जैसी संस्थाएं सामान्य रूप से काम करती रहीं, क्योंकि इनके कर्मचारी हड़ताल में शामिल यूनियनों का हिस्सा नहीं हैं।

डिजिटल सेवाओं से मिली राहत
ग्राहकों के लिए राहत की बात यह रही कि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहीं।
नेट बैंकिंग
मोबाइल बैंकिंग
UPI लेन-देन
देशभर में एटीएम भी चालू हैं, हालांकि कुछ इलाकों में नकदी की कमी देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे अत्यावश्यक बैंकिंग कार्यों के लिए डिजिटल माध्यमों या निजी बैंकों की सेवाओं का उपयोग करें।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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