नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। वैश्विक राजनीतिक-आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और बढ़ती औद्योगिक मांग ने कीमती धातुओं को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।
तेजी के मुख्य कारण
वैश्विक तनाव का असर:
दक्षिण कोरिया और कनाडा पर अमेरिका की ओर से टैरिफ लगाने की धमकियों और संभावित वैश्विक व्यापार युद्ध (ट्रेड वॉर) की आशंकाओं ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ दिया है। ऐसे माहौल में सोने की मांग तेजी से बढ़ी है।
| शहर | 22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹) | 24 कैरेट सोने का आज का भाव (₹) |
| दिल्ली | 148590 | 162090 |
| मुंबई | 148440 | 161940 |
| अहमदाबाद | 148490 | 161990 |
| चेन्नई | 148440 | 161940 |
| कोलकाता | 148440 | 161940 |
| हैदराबाद | 148440 | 161940 |
| जयपुर | 148590 | 162090 |
| भोपाल | 148490 | 161990 |
| लखनऊ | 148590 | 162090 |
| चंडीगढ़ | 148590 | 162090 |
फेडरल रिजर्व की बैठक पर नजर:
आज 28 जनवरी को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजों का बाजार बेसब्री से इंतजार कर रहा है। ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं के चलते डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ है, जिसका सीधा फायदा सोने की कीमतों को मिला है।
चांदी में औद्योगिक मांग:
चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के पीछे सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से आ रही भारी औद्योगिक मांग को बड़ा कारण माना जा रहा है। ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी सेक्टर के विस्तार से चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों की राय:
ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स और अन्य बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह अस्थिर बनी रहीं, तो साल के अंत तक सोना $6,000 प्रति औंस के स्तर को भी छू सकता है। निवेशकों के बीच फिलहाल सोना सबसे सुरक्षित विकल्प बना हुआ है।
कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में सोना-चांदी निवेशकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।










Total Users : 291159
Total views : 493356