May 23, 2026 8:35 pm

May 23, 2026 8:35 pm

मेटल शेयरों में भारी बिकवाली से शेयर बाजार लाल, सेंसेक्स 525 अंक टूटा

मिडकैप-स्मॉलकैप में ज्यादा गिरावट, निफ्टी 25,260 के नीचे फिसला
मुंबई: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। मेटल सेक्टर में तेज बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। सुबह करीब 9:30 बजे बीएसई सेंसेक्स 525 अंक या 0.64 प्रतिशत गिरकर 82,040 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 159 अंक या 0.63 प्रतिशत टूटकर 25,259 पर कारोबार करता दिखा। शुरुआती सत्र में ही बाजार पर बिकवाली का दबाव साफ नजर आया।

मिडकैप और स्मॉलकैप में ज्यादा दबाव
मुख्य सूचकांकों के मुकाबले ब्रॉडर मार्केट में ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.81 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.19 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल जोखिम भरे शेयरों से दूरी बना रहे हैं।

सेक्टोरल इंडेक्स का हाल
सेक्टोरल आधार पर एफएमसीजी, फार्मा और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर नुकसान में रहे। सबसे ज्यादा गिरावट मेटल सेक्टर में दर्ज की गई। निफ्टी मेटल इंडेक्स 4.28 प्रतिशत लुढ़क गया। इसके अलावा आईटी सेक्टर में भी 1.41 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

निफ्टी के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
बाजार विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए 25,250 से 25,300 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं, ऊपर की ओर 25,550 से 25,600 का दायरा मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। इन स्तरों के आसपास बाजार की आगे की दिशा तय होने की संभावना है।

वैश्विक कारणों से बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका की व्यापार नीतियों को लेकर अनिश्चितता बाजार पर दबाव बना रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ बढ़ाने की आशंकाओं से वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है। साथ ही ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

आर्थिक सर्वे से मिली आंशिक राहत
हालांकि, आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2027 के लिए 6.8 से 7.2 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान जताया गया है, जिससे बाजार को मध्यम अवधि में सहारा मिल सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे कंपनियों की आय में 15 से 17 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है।

एफआईआई-डीआईआई का रुख
29 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 394 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिक्री की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,634 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। डीआईआई की खरीद से बाजार को कुछ हद तक समर्थन मिला।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

3 2 3 5 5 9
Total Users : 323559
Total views : 540278

शहर चुनें