April 5, 2026 12:40 pm

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चंडीगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन चुनाव फिर विवादों में, वोटर लिस्ट को लेकर मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन!

चंडीगढ़ के पूर्व एडवाइजर प्रधान पद के लिए चुनाव मैदान में, चुनाव अधिकारियों को भी बदलने की उठी मांग

मामले की अगली सुनवाई 4 फरवरी 2026 को होगी

चंडीगढ़: चंडीगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन (COA) के 21 नवंबर 2025 को प्रस्तावित चुनाव एक बार फिर कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। चुनाव से ठीक पहले जारी की गई वैध नामांकन सूची और कार्यकारिणी सदस्यों के नामों को लेकर मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा हुआ है। जिसमे मामले की अगली सुनवाई 4 फरवरी 2026 को होनी है।

वही चंडीगढ़ के पूर्व एडवाइजर धर्मपाल प्रधान पद के लिए चुनाव मैदान में है। जिसको लेकर भी चुनाव अधिकारियों को बदलने की मांग उठ रही है।
उम्मीदवारों का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई अधिकारी पहले धर्मपाल सिंह के अधीन काम कर चुके हैं। ऐसे में चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रत्याशियों का कहना है कि पूर्व में उच्च प्रशासनिक पद पर रहने के कारण धर्मपाल सिंह का चुनाव अधिकारियों पर प्रभाव हो सकता है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।

हाईकोर्ट में एलपीए-3375-2025 (ओ&एम) के तहत चंडीगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन बनाम इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन व अन्य मामले की सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति हर्षिमरन सिंह सेठी और विकास सूरी की खंडपीठ ने 27 नवंबर 2025 को मामले की सुनवाई करते हुए अंतरिम आदेश को अगली तारीख तक जारी रखने के निर्देश दिए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 4 फरवरी 2026 को होगी।
कोर्ट में प्रतिवादी नंबर-1 की ओर से हलफनामा दायर करने के लिए समय मांगा गया, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अल्पकालिक स्थगन दिया। इसके साथ ही स्पष्ट किया गया कि तब तक पूर्व में पारित अंतरिम आदेश प्रभावी रहेगा।

चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
21 नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा FORM-4 के तहत वैध रूप से नामांकित उम्मीदवारों की सूची जारी की गई थी। इसमें अध्यक्ष पद के लिए धरम पाल और रंजन सेठी सहित वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्यों के नाम शामिल हैं।
हालांकि, मतदाता सूची, नामांकन प्रक्रिया और पूर्व चुनावों की वैधता को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। यही कारण है कि चुनाव प्रक्रिया एक बार फिर न्यायिक जांच के दायरे में आ गई है।

COA का विवादित इतिहास
गौरतलब है कि चंडीगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन का इतिहास लंबे समय से गुटबाजी और कानूनी विवादों से जुड़ा रहा है। इससे पहले भी अलग-अलग गुटों द्वारा समानांतर चुनाव कराने और खेल संघों को मान्यता देने में कथित अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं।
अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के चलते COA के चुनाव और नई कार्यकारिणी के गठन पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। खेल प्रेमियों और संबंधित संघों की निगाहें 4 फरवरी 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस पूरे विवाद की दिशा तय होने की उम्मीद है।

एसोसिएशन चुनाव में चुनाव अधिकारियों की भूमिका पर उठे प्रश्न

चंडीगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन (COA) के 21 नवंबर 2025 को प्रस्तावित चुनावों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। वही प्रधान (President) पद के लिए मैदान में उतरे धर्मपाल सिंह, जो पूर्व में चंडीगढ़ प्रशासन के एडवाइजर (Advisor to the Chandigarh Administration) रह चुके हैं, उनकी उम्मीदवारी को लेकर अन्य उम्मीदवारों ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
उम्मीदवारों का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई अधिकारी पहले धर्मपाल सिंह के अधीन काम कर चुके हैं। ऐसे में चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रत्याशियों का कहना है कि पूर्व में उच्च प्रशासनिक पद पर रहने के कारण धर्मपाल सिंह का चुनाव अधिकारियों पर प्रभाव हो सकता है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।

चुनाव अधिकारियों को बदलने की मांग
इस पूरे मामले को लेकर कई उम्मीदवारों और खेल संघों ने चुनाव अधिकारियों को बदलने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि जब तक निष्पक्ष और स्वतंत्र अधिकारियों की नियुक्ति नहीं की जाती, तब तक चुनाव परिणामों पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

FORM-4 के तहत जारी वैध उम्मीदवारों की सूची
रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा FORM-4 (List of Validly Nominated Candidates) के तहत जिन उम्मीदवारों के नाम जारी किए गए हैं, वे इस प्रकार हैं—
प्रधान (President):
धर्मपाल सिंह — चंडीगढ़ एथलेटिक्स एसोसिएशन
रंजन सेठी — चंडीगढ़ रग्बी फुटबॉल एसोसिएशन
सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (Senior Vice President):
एडवोकेट के.पी. सिंह — चंडीगढ़ फुटबॉल एसोसिएशन
चरणजीत सिंह विर्क — चंडीगढ़ एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन
वाइस प्रेसिडेंट (Vice President):
संजीव कुमार ब्रांटा — चंडीगढ़ कबड्डी एसोसिएशन
इकबाल सिंह ढिल्लों — चंडीगढ़ राइफल एसोसिएशन
लेफ्टिनेंट कर्नल पी.के. जेटली — चंडीगढ़ याचिंग एसोसिएशन
राजीव शर्मा — चंडीगढ़ रोइंग एसोसिएशन
दीपक कुमार सिंह — कयाकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन ऑफ चंडीगढ़
मानद महासचिव (Honorary Secretary):
दर्शन लाल — चंडीगढ़ यूटी रेसलिंग एसोसिएशन
हरिश कुमार कक्कर — चंडीगढ़ टेबल टेनिस एसोसिएशन
सुदर्शन कुमार — वुशु एसोसिएशन ऑफ चंडीगढ़
मानद संयुक्त सचिव (Honorary Joint Secretary):
अनिल यादव — चंडीगढ़ वॉलीबॉल एसोसिएशन
कमलदीप सिंह — चंडीगढ़ एमेच्योर वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन
कोषाध्यक्ष (Treasurer):
पी.एस. लांबा — नेटबॉल स्पोर्ट्स प्रमोशन एसोसिएशन, चंडीगढ़
शुभजोत सिंह चड्ढा — चंडीगढ़ राइफल एसोसिएशन
कार्यकारिणी सदस्य (Executive Members):
रमेश हांडा — चंडीगढ़ एथलेटिक्स एसोसिएशन
राजेश शर्मा — चंडीगढ़ यूटी रेसलिंग एसोसिएशन
जयंत कुमार अत्रेय — कयाकिंग एंड कैनोइंग एसोसिएशन ऑफ चंडीगढ़

मेंबर

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हरिश कुमार कक्कर
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इकबाल सिंह ढिल्लों
संजीव कुमार ब्रांटा

हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन
गौरतलब है कि COA चुनाव पहले से ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं। अदालत ने हाल ही में अंतरिम आदेश को जारी रखते हुए अगली सुनवाई 4 फरवरी 2026 तक के लिए मामला स्थगित कर दिया है। ऐसे में धर्मपाल सिंह की उम्मीदवारी, चुनाव अधिकारियों की भूमिका और पूरी चुनाव प्रक्रिया अब न्यायिक निगरानी में है।

विवादों से पुराना नाता
चंडीगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन का इतिहास लंबे समय से गुटबाजी, प्रशासनिक हस्तक्षेप और कानूनी विवादों से जुड़ा रहा है। खेल गतिविधियों की बजाय सत्ता संघर्ष हावी रहने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और अदालत इस नए विवाद पर क्या रुख अपनाते हैं—क्या चुनाव अधिकारियों में बदलाव होगा या मौजूदा व्यवस्था के तहत ही COA चुनाव आगे बढ़ेंगे।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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