April 5, 2026 7:48 pm

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इग्नू ने AI इम्पैक्ट समिट 2026 के तहत ‘AI एनेबल्ड फ्यूचर रेडी ODDE’ पर प्री-समिट कार्यक्रम आयोजित किया

नई दिल्ली/चंडीगढ़: इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) ने ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के अंतर्गत ‘AI एनेबल्ड फ्यूचर रेडी ओपन, डिस्टेंस और डिजिटल एजुकेशन (ODDE)’ विषय पर एक आधिकारिक प्री-समिट कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम 29 जनवरी 2026 को आईटीसी शेरेटन, नई दिल्ली में आयोजित हुआ।
इग्नू के क्षेत्रीय केंद्र, चंडीगढ़ के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. भानु प्रताप सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान ‘ODDE में AI आधारित नवाचार, दक्षता और स्केलेबिलिटी’ तथा ‘शैक्षिक अंतर को पाटने के लिए AI के माध्यम से लचीलापन और समावेशिता’ जैसे अहम विषयों पर गहन चर्चा की गई। इस मंच पर यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन, MeitY, शिक्षा मंत्रालय (भारत सरकार), NAAC, AICTE, IITs, JNU, CDAC के साथ-साथ Google, IBM, Microsoft, HP और TCS iON जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में इग्नू की कुलपति प्रो. उमा कांजीलाल ने सरकारी और निजी क्षेत्र के सभी हितधारकों का आभार व्यक्त करते हुए इग्नू को एक “एजेंटिक यूनिवर्सिटी” के रूप में विकसित करने के अपने विज़न को साझा किया। उन्होंने कहा कि AI इम्पैक्ट समिट 2026 का हिस्सा बनना इग्नू के लिए गर्व का विषय है और यह पहल दर्शाती है कि किस प्रकार AI, ओपन और डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से विशाल शिक्षार्थी इकोसिस्टम को सशक्त बना सकता है। उन्होंने इसे भारत को वैश्विक AI इनोवेशन लीडर बनाने के सरकार के विज़न से जोड़ते हुए इग्नू की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
NAAC के निदेशक प्रो. गणेशन कन्नाबिरन ने AI-सक्षम ODDE प्रणालियों में गुणवत्ता मानकों पर प्रकाश डाला, जबकि IIT खड़गपुर के प्रो. पार्थ प्रतीम चक्रवर्ती ने AI में कंप्यूटेशन की भूमिका को सरल शब्दों में समझाते हुए इसके तीन प्रमुख प्रतिमानों—सिंबॉलिक, स्टैटिस्टिकल और न्यूरल—पर चर्चा की। उन्होंने AI के संभावित जोखिमों की ओर भी आगाह किया और भारत के लिए एक संप्रभु, बहुभाषी और मल्टीमॉडल AI मॉडल की आवश्यकता पर जोर दिया।
पहले सत्र में AI के दौर में शिक्षकों के प्रशिक्षण को लेकर व्यापक विमर्श हुआ। इस पैनल में गूगल फॉर एजुकेशन से श्री पीटर काकासी, IBM से डॉ. मणि मधुकर, माइक्रोसॉफ्ट से श्री विक्रम मल्होत्रा, TCS iON से सुश्री स्मृति मुल्ये और JNU के प्रो. अनिर्बान चक्रवर्ती शामिल रहे। यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन की डॉ. लिंडा अमरेन-कूपर ने ODDE के लिए AI पर वैश्विक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
दूसरे सत्र की अध्यक्षता IIT बॉम्बे के प्रो. गणेश रामकृष्णन ने की, जिसमें भारत सरकार के सॉवरेन और शेयर्ड AI मॉडल ‘भारतजेन’ पर विशेष चर्चा हुई। उन्होंने AI की शक्ति और प्रभाव को रेखांकित करते हुए इसे सृजन और विनाश—दोनों क्षमताओं वाले तत्व के रूप में प्रस्तुत किया। दूसरे पैनल डिस्कशन में AICTE की प्रो. श्यामा रथ, HP के श्री मयंक ढींगरा, MeitY के डॉ. विनय ठाकुर और CDAC के डॉ. करुणेश अरोड़ा ने ‘AI की शिक्षा’ और शिक्षार्थी-केंद्रित क्षमता निर्माण पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के समापन सत्र में इग्नू की निदेशक (स्पेशल प्रोजेक्ट यूनिट) एवं आयोजन सचिव प्रो. नयनतारा पाधी ने कहा कि यह अपनी तरह का पहला अंतरराष्ट्रीय मंच है, जहां उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार ने मिलकर ‘AI सक्षम भविष्य के लिए तैयार ओपन, डिस्टेंस और डिजिटल शिक्षा’ पर ठोस दिशानिर्देश प्रस्तुत किए हैं, जो वैश्विक स्तर पर ODDE संस्थानों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे।

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Author: BabuGiri Hindi

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