September 21, 2026 4:44 am

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चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने हाई-वैल्यू ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी मामला सुलझाया, आरोपी गिरफ्तार

दो आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ साइबर फ्रॉड पर अंकुश; ₹85 लाख की ठगी का पर्दाफाश
रमेश गोयत
चंडीगढ़: साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, यूटी चंडीगढ़ ने एक हाई-वैल्यू फर्जी डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। शिकायत के आधार पर की गई कार्रवाई में सिबगतुल्ला बैग @ सैयद (28 वर्ष, बेंगलुरु) को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले इस मामले में पहले ही एक आरोपी गिरफ्तार किया जा चुका था।
यह केस एफआईआर नंबर 03, दिनांक 09.01.2026 के तहत दर्ज किया गया था। इस मामले में आरोपी लोगों को फोन कर टेलीकॉम अथॉरिटी, आईसीआईसीआई बैंक और विजिलेंस विभाग के अधिकारी बनने का ढोंग करके डिजिटल अरेस्ट का डर दिखा रहे थे और फर्जी “प्रायोरिटी इनोसेंस सर्टिफिकेट” के नाम पर ₹85 लाख ठग चुके थे।
जांच में खुलासे
जांच में पाया गया कि ठगी की रकम का एक हिस्सा आरोपी के नाम पर एक्सिस बैंक खाते में जमा हुआ। मोबाइल नंबर और केवाईसी दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने बेंगलुरु के पीएस विवेकनगर में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपना बैंक खाता टेलीग्राम ऐप के जरिए किसी अज्ञात व्यक्ति को साझा किया और ₹30,000 कमीशन के रूप में प्राप्त किए। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सैमसंग मोबाइल फोन, सिम कार्ड और चेकबुक बरामद किए।
साइबर क्राइम पुलिस की एडवाइजरी
कोई भी पुलिस/सीबीआई/ईडी अधिकारी फोन या व्हाट्सएप पर पैसे या व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगता।
फर्जी गिरफ्तारी वारंट या अधिकारी दिखाने वाली कॉल पर भरोसा न करें।
पैसे ट्रांसफर करने या सिम/बैंक अकाउंट साझा करने से बचें।
पोर्टल से अपने नाम पर कितने सिम कार्ड हैं, यह जरूर जांचें।
व्हाट्सएप और फोन पर अनजान नंबर ब्लॉक करें।
आधार बायोमेट्रिक्स लॉक रखें और संदिग्ध कॉल पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करें।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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