April 5, 2026 7:58 pm

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पंचकूला में सड़कों, यातायात व जल निकासी व्यवस्था बदहाल, विभागों की लापरवाही से बढ़ रहा हादसों का खतरा

पंचकूला।  शहर में नगर निगम (एमसी), हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी), पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (पीएमडीए), हरियाणा राज्य औद्योगिक विकास निगम (एचएसआईआईडीसी), शहरी स्थानीय निकाय विभाग, पुलिस विभाग और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) जैसी कई सरकारी एजेंसियां यातायात व्यवस्था, सड़कों, डिवाइडरों, फुटपाथों, जल निकासी और यातायात नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, लेकिन बढ़ती आबादी के साथ यह व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है।

शहर की सड़कों की मरम्मत लगभग एक वर्ष पूर्व की गई थी, लेकिन अब अधिकांश सड़कें गड्ढों से भर चुकी हैं। इससे खासकर दोपहिया वाहन चालकों और छोटे वाणिज्यिक वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि मरम्मत कार्य की “वारंटी अवधि” के बावजूद ठेकेदारों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

रात के समय सुरक्षित यातायात के लिए आवश्यक लेन-मार्किंग, सड़क चिह्न और पैदल यात्रियों के लिए ज़ेबरा क्रॉसिंग लगभग पूरी तरह गायब हो चुके हैं। अधिकांश मुख्य सड़कों पर अधिकतम गति सीमा (एमएसएल) के बोर्ड, स्लिप रोड संकेत, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के चेतावनी संकेत और साइकिल ट्रैक जैसी बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं। कई बार संबंधित एजेंसियों को स्पीड टेबल, कैट-आई और रंबल स्ट्रिप्स लगाने की सूचना दी गई, लेकिन इस पर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

रिहायशी इलाकों में, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए, पेड़ों की छंटाई एक बड़ी समस्या बन चुकी है। नगर निगम ने मुख्य सड़कों के बीचोंबीच रेट्रो-रिफ्लेक्टिव दिशा-निर्देश बोर्ड पर लाखों रुपये खर्च किए हैं, लेकिन पेड़ों की अनदेखी के कारण ये बोर्ड चालकों को दिखाई ही नहीं देते। कई स्थानों पर सड़क किनारे फैली पेड़ों की शाखाएं भारी वाहनों के लिए भी खतरा बनी हुई हैं।

फुटपाथों की हालत भी बेहद खराब है। कई सड़कों पर फुटपाथ हैं ही नहीं और जहां हैं, वहां पक्के पत्थर टूटे या गायब हैं, जिससे पैदल यात्रियों का चलना मुश्किल हो गया है। चौराहों के पास पैदल यात्रियों के लिए आवश्यक संकेत भी नहीं लगाए गए हैं।

जल निकासी व्यवस्था की बदहाली से बरसात के दिनों में सेक्टर 8, 9, 10, 15 और 20 जैसे क्षेत्रों में घरों में पानी घुस जाता है। नालियों और पाइपों में रुकावट के कारण पानी की निकासी नहीं हो पाती, जिससे लोगों के घरों, बाजारों और यातायात व्यवस्था को भारी नुकसान होता है। नियमित सफाई और सुदृढ़ीकरण के अभाव में यह समस्या हर साल गंभीर होती जा रही है।

शहर के कई प्रमुख चौराहों और सड़कों पर केंद्रीय मार्ग (सीबीडी) के क्षतिग्रस्त होने से सड़कें लंबे समय तक बंद रहती हैं। सेक्टर 7/18 चौक, सेक्टर 11 व 15 के 11/15 चौक, परशुराम चौक और हाल ही में सेक्टर 15/इंडस्ट्रियल एरिया फेज-II के आयरन मार्केट के पास केंद्रीय मार्ग क्षतिग्रस्त होने से यातायात अत्यधिक प्रभावित हुआ है। परशुराम चौक के पास सड़क एक सप्ताह के लिए बंद करने की घोषणा हुई थी, लेकिन वह लगभग एक महीने तक बंद रही।

इस संबंध में नगर निगम, एचएसवीपी, पीएमडीए, एचएसआईआईडीसी और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से पत्र भेजे गए, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि पीएमडीए ने हाल ही में क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत शुरू कर पंचकुला–चंडीगढ़–मोहाली मार्ग को एक महीने के लिए बंद कर दिया है और जनता को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।

नागरिक कल्याण संघ (सीडब्ल्यूए) ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए हरियाणा मानवाधिकार आयोग, चंडीगढ़ में शिकायत संख्या 191/7/14/2026 के तहत मामला दर्ज कराया है। आयोग के अध्यक्ष श्री दीप भाटिया ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख 11 फरवरी 2026 तय करते हुए आवश्यक आदेश जारी किए हैं।

शहरवासी अब सवाल उठा रहे हैं कि आखिर विभिन्न विभागों के इंजीनियरिंग विंग का यह लापरवाह रवैया कब तक जारी रहेगा और पंचकुला की बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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