April 5, 2026 7:50 pm

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मर्यादाओं का महोत्सव पूरी दुनिया में केवल तेरापंथ में होता है : मनीषीसंत मुनिश्री विनयकुमारजी आलोक

चंडीगढ़ में 162वां मर्यादा महोत्सव, आचार्यवर के सान्निध्य में रचा गया इतिहास

चंडीगढ़, 30 जनवरी। मर्यादा-महोत्सव दुनिया का एक अनूठा और विलक्षण पर्व है, जो केवल तेरापंथ धर्मसंघ में ही मनाया जाता है। मर्यादा संयममय जीवन-शैली का नाम है और उच्छृंखलता पर नियंत्रण की लगाम है। मर्यादा और गरिमा व्यक्ति के आत्म-सम्मान, शालीनता और नैतिक आचरण के मूल आधार हैं। यह विचार मनीषीसंत मुनिश्री विनयकुमारजी आलोक ने 162वें मर्यादा महोत्सव के अवसर पर सेक्टर-24सी स्थित अणुव्रत भवन के विशाल प्रांगण में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि प्रेम में समर्पण और देने की क्षमता होती है, जबकि लेने की इच्छा समाप्त हो जाती है—यही प्रेम की मर्यादा है। प्रेम की पहली परिभाषा माँ से स्थापित होती है। विनम्रता और सहिष्णुता मर्यादा के सुरक्षा कवच हैं। मर्यादा अहंकार को नियंत्रित करती है और जीवन को संतुलन प्रदान करती है।

मनीषीसंत ने कहा कि आचार्य भिक्षु ने अपने धर्मसंघ की एकता और पवित्रता बनाए रखने के लिए कर्तव्य-अकर्तव्य तथा विधि-निषेध की सीमाएं निर्धारित कीं, जिन्हें मर्यादा कहा गया। इन्हीं मर्यादाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष मर्यादा महोत्सव का आयोजन किया जाता है।

 

90 वर्ष की आयु में भी अद्भुत कर्मठता

कार्यक्रम में यह विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा कि 90वें वर्ष में प्रवेश के बावजूद मनीषीसंत की कार्यशैली आज भी युवाओं को प्रेरित करती है। उन्होंने चंडीगढ़ में मर्यादा महोत्सव का आयोजन कर ऐतिहासिक कार्य किया। साथ ही वर्ष 2029 में चंडीगढ़ में मर्यादा महोत्सव और 21 दिन के प्रवास की घोषणा कर पंजाब व चंडीगढ़ को बड़ी सौगात दी।

 

स्वामी ओंकारानंद सरस्वती जी महाराज ने दी शुभकामनाएं

श्रीमद् प्रयागपीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी ओंकारानंद सरस्वती जी महाराज ने मनीषीसंत को जन्मदिवस की बधाई देते हुए कहा कि 90 वर्ष की आयु में भी उनका सक्रिय और ऊर्जावान रहना आश्चर्यजनक है। हमें पूर्ण विश्वास है कि हम उनके 100 वर्ष का शतक भी देखेंगे।

तेरापंथ एक प्राणवान और तेजस्वी संघ : अतुल मुनि जी

अतुल मुनि जी ने कहा कि तेरापंथ धर्मसंघ एक प्राणवान संगठन है, जिसकी शक्ति मर्यादाओं में निहित है। आत्म-अनुशासन, आत्म-नियंत्रण और आत्म-संयम इसकी तेजस्विता के मूल स्रोत हैं। गुरु का शब्द ही ब्रह्म है—जो शिष्य को अज्ञान से ज्ञान की ओर ले जाता है।

 

तेरापंथ धर्मसंघ तेजस्वी संघ है : संजय टंडन

हिमाचल प्रदेश के सह-प्रभारी संजय टंडन ने मनीषीसंत को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मर्यादा महोत्सव और मुनिश्री का जन्मदिवस—दोनों का संगम अत्यंत शुभ है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मुनिश्री ने अपने शरीर और जीवन पर मर्यादाओं द्वारा अंकुश लगाया है, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है।

 

कार्यक्रम में व्यापक सहभागिता

कार्यक्रम की शुरुआत प्रज्ञा गीत से हुई। अणुव्रत समिति के अध्यक्ष मनोज जैन ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया। पंजाब से आए नन्हे कलाकार मायरा और आरव जैन ने मधुर कविता पाठ से सभी का मन मोह लिया। बहन वंदना भाई ने शुभ दिन मंगलमय गीत प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर श्री जैन श्वेतांबर पंजाब सभा के महामंत्री कुलदीप सुराणा, कैलाश जैन, विजय जैन, विजय गोयल, विजय टोहाणा से, एच.एस. कौशिक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। तेरापंथ महिला मंडल की अध्यक्ष बहन सरिता बोथरा ने भी मंगलकामनाएं प्रेषित कीं।

चंडीगढ़ भाजपा के प्रवक्ता एवं श्रावक कैलाश जैन ने ‘अर्थ प्रकाश’ समाचार पत्र द्वारा प्रकाशित विशेष जन्मदिवस सप्लीमेंट का अवलोकन किया।

दिनभर मनीषीसंत को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा रहा। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और ट्राइसिटी से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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