चंडीगढ़, 31 जनवरी 2026: पीजीआईएमईआर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय न्यूरो-क्रिटिकल केयर सम्मेलन ब्रेन वेव्स–2026 में देशभर के डॉक्टरों और नर्सिंग कर्मियों ने भाग लिया। सम्मेलन में 16 एम्स, भारतीय सेना, वायुसेना, पुलिस सेवाओं और हरियाणा सरकार के लगभग 300 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि सशस्त्र बलों के अनुशासन और तेज निर्णय की क्षमता ने आपात न्यूरो देखभाल में नई दिशा दी है। उन्होंने बताया कि गोल्डन आवर में लिया गया त्वरित और सही निर्णय मरीज के जीवन और स्थायी नुकसान के बीच फर्क तय करता है। प्रो. लाल ने कहा, “पीजीआईएमईआर और सशस्त्र बलों का सहयोग नागरिक और सैन्य क्षेत्रों में आपात न्यूरो देखभाल को मजबूत कर रहा है।”
सम्मेलन का विषय था: “गोल्डन आवर और उसके बाद: न्यूरो आपात स्थितियों में समय से मुकाबला”, जिसमें स्ट्रोक, सिर की चोट और अन्य गंभीर न्यूरोलॉजिकल आपात स्थितियों में समय पर इलाज के महत्व पर विशेष चर्चा हुई।
मुख्य वक्ताओं में पीजीआईएमईआर के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट प्रो. धीरज खुराना, मेजर जनरल हरकिरत सिंह, कमांड हॉस्पिटल, डॉ. नवदीप, सलाहकार सड़क सुरक्षा, पंजाब सरकार, और डॉ. रमन शर्मा, अस्पताल प्रशासन, पीजीआईएमईआर शामिल थे। मेजर जनरल हरकिरत सिंह ने कहा कि सशस्त्र बलों और पीजीआईएमईआर के सहयोग से जटिल न्यूरो आपात स्थितियों को प्रभावी ढंग से संभाला जा सकता है।
सम्मेलन की विशेष आकर्षण रही तीन हैंड्स-ऑन कार्यशालाएँ:
स्ट्रोक सिमुलेशन कार्यशाला – थ्रोम्बोलाइसिस और अन्य इलाज का व्यावहारिक प्रशिक्षण।
ट्रॉमा और न्यूरो-सर्जरी कार्यशाला – गंभीर चोटों में तुरंत सर्जरी और टीमवर्क पर जोर।
पीडियाट्रिक और नियोनेटल क्रिटिकल केयर कार्यशाला – बच्चों और नवजातों की आपात देखभाल।
इन कार्यशालाओं में आधुनिक तकनीक और व्यावहारिक अभ्यास के जरिए डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का आत्मविश्वास बढ़ाया गया।
ब्रेन वेव्स–2026 ने यह स्पष्ट किया कि पीजीआईएमईआर और सशस्त्र बल मिलकर देश में आपात न्यूरो देखभाल को और मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, ताकि समय पर सही इलाज से अधिक से अधिक जीवन बचाए जा सकें।










Total Users : 291159
Total views : 493356