August 29, 2026 3:53 am

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बजट से पहले सोना-चांदी धड़ाम, 9% तक टूटे भाव MCX पर दोनों कीमती धातुएं लोअर सर्किट पर पहुंचीं,

रिकॉर्ड तेजी के बाद जोरदार करेक्शन
नई दिल्ली: केंद्रीय बजट से ठीक पहले निवेशकों की सतर्कता और मुनाफावसूली का असर सर्राफा बाजार पर साफ नजर आया। रविवार को फ्यूचर्स कारोबार में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दोनों कीमती धातुएं करीब 9 प्रतिशत तक टूटकर अपने लोअर सर्किट स्तर पर पहुंच गईं। हाल के दिनों में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद आई इस गिरावट ने बाजार की दिशा पूरी तरह बदल दी है।

सोना हुआ सस्ता, MCX पर लोअर सर्किट तक फिसला
MCX पर अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के फ्यूचर्स में रविवार को भारी बिकवाली देखने को मिली।
सोना 13,711 रुपये यानी करीब 9 प्रतिशत गिरकर 1,38,634 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। कारोबार के दौरान यह अपने लोअर सर्किट स्तर तक फिसल गया।
इससे पहले शुक्रवार को भी सोने में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी।
पिछले सत्र में सोना 31,617 रुपये या 17.2 प्रतिशत टूटकर 1,52,345 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
गौरतलब है कि गुरुवार को ही सोने ने 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम का अब तक का रिकॉर्ड उच्च स्तर बनाया था, जिसके बाद करेक्शन का दौर शुरू हो गया।

चांदी में भी भारी बिकवाली, 9% तक गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त गिरावट देखने को मिली।
MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी 26,273 रुपये या करीब 9 प्रतिशत टूटकर 2,65,652 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। यह चांदी का भी लोअर सर्किट स्तर रहा।
शुक्रवार को चांदी में इससे भी ज्यादा गिरावट दर्ज की गई थी।
उस दिन चांदी 1,07,968 रुपये यानी करीब 27 प्रतिशत गिरकर 2,91,925 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
गुरुवार को चांदी ने 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था।

क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोना-चांदी में आई यह तेज गिरावट ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली का नतीजा है।
पिछले कुछ समय में कीमतों में तेज उछाल के बाद निवेशकों ने लाभ सुरक्षित करना बेहतर समझा। इसके अलावा, बजट से पहले अनिश्चितता और वैश्विक संकेतों की कमी ने भी कीमतों पर दबाव बनाया।

बजट से पहले निवेशक अलर्ट
आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में केंद्रीय बजट पेश करेंगी। बजट से पहले निवेशक बड़े निवेश फैसलों से दूरी बनाए हुए हैं। यही वजह है कि सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोना-चांदी में भी बिकवाली देखने को मिल रही है।

वैश्विक बाजार बंद, घरेलू कारकों का असर
रविवार को अंतरराष्ट्रीय फ्यूचर्स बाजार अवकाश के चलते बंद रहे। ऐसे में घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव पूरी तरह स्थानीय कारणों और निवेशकों की धारणा पर निर्भर रहा।

आगे क्या करें निवेशक
बाजार जानकारों का कहना है कि रिकॉर्ड तेजी के बाद इस तरह का करेक्शन सामान्य है।
हालांकि, बजट के बाद ही यह साफ होगा कि सोना-चांदी की कीमतों में स्थिरता आती है या उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रहता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और जल्दबाजी में निवेश फैसले न लेने की सलाह दी जा रही है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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