करनाल। करनाल पुलिस की सीआईए-थ्री टीम ने बिजली की हाई-वोल्टेज तार चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। गिरोह अब तक करीब 44 लाख रुपये मूल्य की बिजली तार चोरी कर चुका था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 लाख 40 हजार रुपये नकद और चोरी में इस्तेमाल की गई दो गाड़ियां बरामद की हैं।
दिन में रेकी, रात में वारदात
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी दिन के समय सुनसान इलाकों और निर्माणाधीन बिजली परियोजनाओं की रेकी करते थे। इसके बाद रात के अंधेरे में कटर की मदद से मोटी हाई-वोल्टेज बिजली तार काटकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। चोरी की गई तारों को बाद में कबाड़ी के माध्यम से ठिकाने लगाया जाता था।
निर्माणाधीन 33 केवी बिजलीघरों को बनाया निशाना
जांच अधिकारी एएसआई जंगशेर ने बताया कि भिवानी की अग्रवाल कंपनी को करनाल में कई स्थानों पर 33 केवी बिजलीघर निर्माण का ठेका मिला हुआ था। इन्हीं निर्माणाधीन साइटों से लगातार तार चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं।
शुरुआती जांच में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनसे पूछताछ के बाद पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।
कई जिलों में की चोरी की वारदातें
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों ने करनाल के निसंग, अलीपुर, रम्बा क्षेत्रों के अलावा कैथल के पूंडरी इलाके में भी चोरी की वारदातें करने की बात कबूल की है।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह के कुछ सदस्य पहले बिजली विभाग या संबंधित कार्यों से जुड़े रहे हैं, जिससे उन्हें तारों की गुणवत्ता और कीमत की पूरी जानकारी थी।
कबाड़ी कनेक्शन भी उजागर
गिरफ्तार किए गए 14 आरोपियों में एक कबाड़ी भी शामिल है, जो चोरी का माल खरीदकर उसे आगे बेचता था। पुलिस ने गिरोह के पास से वारदात में प्रयुक्त दो वाहन और नकदी बरामद की है।
सभी आरोपी करनाल जिले के निवासी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सभी आरोपी करनाल जिले के ही निवासी हैं। सभी का मेडिकल करवाकर अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अदालत से रिमांड या न्यायिक हिरासत मिलने के बाद आगे की पूछताछ की जाएगी।
एक आरोपी फरार, तलाश जारी
पुलिस ने कुल 15 आरोपियों की पहचान कर ली है, जिनमें से एक अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस की चेतावनी
करनाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। बिजली ढांचे से छेड़छाड़ न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है।










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