चंडीगढ़, 7 फरवरी 2026। अमेरिका–भारत ट्रेड डील की प्रस्तावित रूपरेखा सामने आने के बाद देशभर में सियासी हलचल तेज हो गई है। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इस डील को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि किसानों की बलि चढ़ाकर कोई भी ट्रेड डील देशहित में स्वीकार्य नहीं हो सकती।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि आज सुबह 3:55 बजे अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव द्वारा यूएस–इंडिया ट्रेड डील के फ्रेमवर्क की घोषणा के बाद किसानों और खेतिहर मजदूरों में गहरी चिंता और आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार इस समझौते के जरिए देश के 72 करोड़ किसानों और कृषि पर निर्भर परिवारों की आजीविका को दांव पर लगा रही है।
उन्होंने बताया कि फ्रेमवर्क समझौते के पहले ही बिंदु में भारत द्वारा अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों पर टैरिफ समाप्त करने की बात कही गई है, जो भारतीय कृषि के लिए बेहद नुकसानदायक साबित होगी। इस डील के लागू होने से अमेरिका से मक्का (डिस्टिलर ड्राइड ग्रेन्स), सोयाबीन, ज्वार, मेवे (बादाम, अखरोट, पिस्ता आदि) और ताजे फल बड़े पैमाने पर भारत में आयात किए जाएंगे। इसका सीधा असर किसानों की उपज, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
राव नरेंद्र सिंह ने यह भी चेतावनी दी कि फ्रेमवर्क समझौते के पहले बिंदु के अंत में चुपचाप “अतिरिक्त उत्पाद” शब्द जोड़ दिया गया है, जिससे इस डील की मंशा और भी संदिग्ध हो जाती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पहले ही जनवरी से नवंबर 2025 के बीच अमेरिका से 378 मिलियन अमेरिकी डॉलर का कपास आयात कर चुकी है, जो आने वाले समय में कई गुना बढ़ सकता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि ये “अतिरिक्त उत्पाद” आखिर कौन-कौन से हैं?
क्या इसमें गेहूं, दालें, दूध, पनीर और अन्य डेयरी उत्पाद भी शामिल होंगे? सरकार ने इस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है, जिससे किसानों की आशंकाएं और गहरी हो रही हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने फ्रेमवर्क के छठे बिंदु का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें भारत द्वारा अमेरिकी कृषि उत्पादों के आयात पर गैर-टैरिफ बाधाएं हटाने की सहमति दी गई है। इसका मतलब है कि किसानों को दी जा रही सब्सिडी और संरक्षण को भी खत्म करने की तैयारी की जा रही है, जिससे किसान पूरी तरह बाजार और विदेशी कंपनियों के भरोसे छोड़ दिए जाएंगे।
अंत में राव नरेंद्र सिंह ने दो टूक कहा,
“कांग्रेस पार्टी किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी। किसानों की बलि चढ़ाकर कोई भी ट्रेड डील देशहित में नहीं हो सकती। इस जनविरोधी समझौते का हम हर स्तर पर विरोध करेंगे।”











Total Users : 291339
Total views : 493635