September 19, 2026 11:35 pm

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CHANDIGARH: लड़कियों ने एक बार फिर लड़कों को पछाड़ा: PGI में 17वीं चंडीगढ़ क्षेत्रीय ब्रेन बी प्रतियोगिता के नतीजे घोषित

चंडीगढ़, 7 फरवरी 2026: पीजीआईएमईआर के न्यूरोलॉजी विभाग द्वारा इंडियन ब्रेन बी एवं सोसाइटी फॉर न्यूरोसाइंस (SFN) के सहयोग से 17वीं चंडीगढ़ क्षेत्रीय ब्रेन बी प्रतियोगिता का सफल आयोजन आज एडवांस्ड आई सेंटर के सभागार में किया गया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में ट्राइसिटी के मेधावी छात्रों ने अपनी असाधारण बौद्धिक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में एक बार फिर छात्राओं ने बाज़ी मारी। सेक्रेड हार्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल की तन्वी ने कठिन मौखिक दौरों को पार करते हुए 2026 चंडीगढ़ ब्रेन बी प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया।
कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल, चंडीगढ़ की खानक प्रथम उपविजेता रहीं, जबकि दिल्ली पब्लिक स्कूल, चंडीगढ़ के मेहताब कमल सिंह ने द्वितीय उपविजेता स्थान हासिल किया।

प्रतियोगिता की प्रमुख झलकियां:
भागीदारी: ट्राइसिटी के 11वीं कक्षा के 20 प्रतिभाशाली छात्रों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। लिखित परीक्षा के आधार पर 12 छात्रों को फाइनल राउंड के लिए चयनित किया गया।
मुख्य अतिथि: कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. विवेक लाल, निदेशक, पीजीआईएमईआर ने की।
कार्यक्रम समन्वयक: प्रो. धीरज खुराना, न्यूरोलॉजी विभाग, पीजीआईएमईआर।

निर्णायक मंडल:
प्रो. राजेश छाबड़ा (न्यूरोसर्जरी)
प्रो. शुभ मोहन सिंह (मनोचिकित्सा)
प्रो. परमप्रीत सिंह खरबंदा (न्यूरोलॉजी)
प्रश्नोत्तरी संचालन: न्यूरोलॉजी विभाग की वरिष्ठ रेजिडेंट डॉ. क्षिप्रा नीलकंठ।
कार्यक्रम में बताया गया कि रीजनल ब्रेन बी की शुरुआत वर्ष 1999 में प्रोफेसर नॉर्बर्ट माइस्लिंस्की द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य हाई स्कूल छात्रों को तंत्रिका विज्ञान (न्यूरोसाइंस) के क्षेत्र में करियर के लिए प्रेरित करना है। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का मूल्यांकन स्मृति, बुद्धि, तनाव, भावनाएं और विभिन्न तंत्रिका संबंधी विकारों जैसे जटिल विषयों पर किया जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय मंच तक सफर:
क्षेत्रीय विजेता बनने के साथ ही तन्वी अब अप्रैल 2026 में बेंगलुरु में होने वाली राष्ट्रीय ब्रेन बी प्रतियोगिता में चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी। वहीं, राष्ट्रीय विजेता को जुलाई 2026 में बोस्टन (अमेरिका) में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय ब्रेन बी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि विज्ञान और बौद्धिक प्रतियोगिताओं में छात्राएं किसी से कम नहीं, बल्कि नेतृत्वकारी भूमिका में आगे बढ़ रही हैं।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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