April 6, 2026 10:20 am

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HARYANA: दक्षता ही सशक्त और मजबूत विद्युत व्यवस्था की आधारशिला है : नन्द लाल शर्मा

बिजली वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण, लाइन लॉस में कमी व उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ाने पर जोर

एचईआरसी अध्यक्ष ने नए वित्त वर्ष के एआरआर पर गुरुग्राम में की जनसुनवाई
चंडीगढ़/गुरुग्राम, 10 फरवरी 2026 : हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के अध्यक्ष नन्द लाल शर्मा ने कहा है कि प्रदेश की बिजली वितरण प्रणाली को सशक्त, मजबूत और आधुनिक बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वितरण कंपनियाँ दक्षता नहीं बढ़ातीं, तो वे भविष्य में निजी क्षेत्र की बिजली कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम नहीं रह पाएंगी।
नन्द लाल शर्मा मंगलवार को दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दायर वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) याचिका पर गुरुग्राम में आयोजित जनसुनवाई की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान आयोग के सदस्य मुकेश गर्ग एवं शिव कुमार भी मौजूद रहे।
एटीएंडसी लॉस घटाने और उपभोक्ता संतुष्टि बढ़ाने पर जोर
एचईआरसी अध्यक्ष ने कहा कि बिजली वितरण निगमों को अपने एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल (एटीएंडसी) लॉस में निरंतर कमी लाने के साथ-साथ उपभोक्ता संतुष्टि सूचकांक को बेहतर करने पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दूरसंचार क्षेत्र में उपभोक्ताओं को सेवा प्रदाता चुनने की स्वतंत्रता है, उसी तर्ज पर भविष्य में बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में विचार किया जा रहा है।
राजस्व में सरप्लस के बावजूद घाटा
जनसुनवाई के दौरान दोनों बिजली वितरण निगमों—डीएचबीवीएन और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन)—ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उन्हें 51,156.71 करोड़ रुपये के राजस्व की आवश्यकता है, जबकि मौजूदा दरों के आधार पर 52,761.87 करोड़ रुपये के राजस्व का अनुमान है। इस प्रकार 1,605.16 करोड़ रुपये का सरप्लस दर्शाया गया है।
हालांकि, वित्त वर्ष 2024-25 के पूर्व राजस्व घाटे को समायोजित करने के बाद निगमों ने 4,484.71 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा बताया है।
45.12 लाख उपभोक्ता, 11.67% एटीएंडसी लॉस : डीएचबीवीएन
डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि निगम के पास वर्तमान में 45.12 लाख बिजली उपभोक्ता हैं तथा निगम का एटीएंडसी लॉस 11.67 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता सेवाओं में सुधार और लाइन लॉस को और कम करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
उपभोक्ता हित और निगमों की वित्तीय जरूरतों में संतुलन : एचईआरसी
नन्द लाल शर्मा ने कहा कि आयोग का प्रमुख दायित्व उपभोक्ताओं के हितों और बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित करना है। आयोग यह सुनिश्चित करता है कि अनावश्यक खर्च का बोझ उपभोक्ताओं पर न डाला जाए। उन्होंने बिजली खरीद के मामलों में दीर्घकालिक, लचीली और भविष्य-उन्मुख रणनीति अपनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि जैसे देश के विकास के लिए वर्ष 2047 तक का रोडमैप तैयार किया जा रहा है, उसी तरह बिजली वितरण निगमों को भी दीर्घकालिक रणनीति के साथ आगे बढ़ना होगा।
फील्ड में जाकर हो रही जनसुनवाई
एचईआरसी अध्यक्ष ने कहा कि पंचकूला में जनसुनवाई में भाग लेने में दूरदराज क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को होने वाली कठिनाइयों को आयोग समझता है। इसी कारण आयोग स्वयं विभिन्न जिलों में जाकर जनसुनवाई आयोजित कर रहा है, ताकि जमीनी हकीकत के आधार पर निर्णय लिए जा सकें।
आगामी जनसुनवाई की तिथियां
24 फरवरी : पानीपत
25 फरवरी : हिसार
2 मार्च : यमुनानगर
इस अवसर पर एचईआरसी के सचिव प्रशांत देष्टा, उप निदेशक (मीडिया) प्रदीप मलिक, डीएचबीवीएन के पीआरओ संजय चुघ, निगम व आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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