पंचकूला, 12 फरवरी 2026: हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन (HPEA) के आह्वान पर बुधवार को प्रदेश भर के विद्युत अभियंताओं ने पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में सभी जिला मुख्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन किया। पंचकूला स्थित विद्युत सदन में एसोसिएशन के प्रधान पुनीत कुंडु की अध्यक्षता में एक विशाल गेट मीटिंग और धरना आयोजित किया गया।
प्रदर्शन के दौरान अभियंताओं ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने की मांग उठाई। इसके साथ ही सभी जिलों में अधिकारियों की नियुक्ति, कर्मचारियों की नई भर्ती, नए एसडीओ कार्यालय खोलने और पावर सेक्टर के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग भी प्रमुख रही।
एसोसिएशन के प्रधान पुनीत कुंडु ने कहा कि यह पहली बार है जब बिजली कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनें भी आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लेकर सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पावर सेक्टर में नियमित प्रकृति के कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है, जिससे न केवल रोजगार की स्थिरता प्रभावित हो रही है बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।
हड़ताल की प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग पर रोक, नियमित पदों पर सीधी भर्ती और आउटसोर्स कर्मियों का नियमितीकरण शामिल है। पुनीत कुंडु ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वितरण, उत्पादन और टीबीसीबी के जरिए ट्रांसमिशन के निजीकरण से गरीब उपभोक्ताओं, किसानों, छोटे व मध्यम उद्योगों और आम जनता के हितों को गंभीर नुकसान होगा।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही प्रदेश में तेलंगाना की तर्ज पर किसी भी नई एग्रीकल्चर डिस्कॉम के गठन से परहेज किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान अभियंताओं ने सरकार से चेतावनी भरे स्वर में कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।











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