नई दिल्ली/अंबाला: केंद्र सरकार ने हरियाणा को बड़ी बुनियादी ढांचा सौगात देते हुए दिल्ली–अंबाला 194 किलोमीटर रेल खंड पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाने के लिए 5,983 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले से उत्तर भारत की रेल कनेक्टिविटी को नया आयाम मिलने वाला है।
दिल्ली–जम्मू रेल नेटवर्क की क्षमता होगी चार गुना
मोदी सरकार के इस फैसले से दिल्ली–जम्मू रेल लाइन नेटवर्क की क्षमता चार गुना तक बढ़ जाएगी। नई रेलवे लाइन से सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला और मध्य, उत्तर व उत्तर-पश्चिम दिल्ली को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।
इससे न केवल यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि माल ढुलाई में भी 24.6 मिलियन टन प्रति वर्ष की वृद्धि होने का अनुमान है।
धार्मिक व पर्यटन स्थलों को मिलेगा सीधा लाभ
नई रेल लाइन के शुरू होने से श्री माता वैष्णो देवी कटरा, श्रीनगर, जम्मू, शिमला सहित अन्य उत्तरी पर्यटन व धार्मिक स्थलों तक आवागमन और अधिक सुगम होगा।
साथ ही रोपड़, पानीपत और राजपुरा के तापीय ऊर्जा संयंत्रों, कृषि गोदामों और औद्योगिक इकाइयों को भी इससे सीधा लाभ मिलेगा।
4 साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट, कम होगा भूमि अधिग्रहण
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से इस परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना अगले 4 वर्षों में पूरी कर ली जाएगी।
खास बात यह है कि इसके लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि मौजूदा रेलवे लाइन के साथ उपलब्ध रेलवे भूमि का ही अधिकतर उपयोग किया जाएगा।
29 नए पुल, पुराने पुलों का होगा पुनर्निर्माण
परियोजना के तहत कुल 29 नए पुलों का निर्माण किया जाएगा, वहीं रास्ते में आने वाले पुराने पुलों का पुनर्निर्माण भी किया जाएगा। इससे रेल संचालन और अधिक सुरक्षित व तेज होगा।
पर्यावरण को भी मिलेगा फायदा
परियोजना के पूरा होने से हर साल करीब 43 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी आएगी, जो लगभग 1.7 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
इसके साथ ही दिल्ली से पंजाब और जम्मू तक रेल कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।













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