पिंजौर/कालका, 19 फरवरी 2026।
शिवालिक विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष एवं कांग्रेस हरियाणा के पूर्व सचिव विजय बंसल एडवोकेट ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन भेजकर पिंजौर–कालका अर्बन कॉम्प्लेक्स में स्वीकृत लघु सचिवालय भवन का निर्माण शीघ्र शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कालका उपमंडल स्तर के अधिकतर सरकारी कार्यालय या तो खस्ताहाल पुराने भवनों में चल रहे हैं या फिर निजी इमारतों में किराए पर, जिससे आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
46 साल बाद भी लघु सचिवालय नहीं
विजय बंसल ने बताया कि वर्ष 1980 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार, मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के कार्यकाल में कालका को उपमंडल का दर्जा मिला था, लेकिन 46 वर्ष बीत जाने के बावजूद यहां लघु सचिवालय का निर्माण नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अर्ध-पहाड़ी और सीमावर्ती होने के बावजूद सरकार की उपेक्षा का शिकार रहा है।
सरकारी दफ्तर बिखरे, जनता परेशान
विजय बंसल के अनुसार कालका उपमंडल और पिंजौर ब्लॉक के कार्यालय अलग–अलग जगहों पर संचालित हैं—
एसडीएम कार्यालय अंग्रेजों के जमाने के छोटे रेस्ट हाउस के कमरों में,
तहसील कार्यालय जर्जर भवन में, जहां छतें टपकती हैं,
एसीपी कार्यालय कालका मेन बाजार के पुराने भवन में,
बिजली मंडल कार्यालय एचएमटी क्वार्टर में किराए पर,
कृषि उपमंडल कार्यालय तोड़े गए भवन के बाद कालका टिपरा में किराए की इमारत में,
ब्लॉक शिक्षा कार्यालय बीडीपीओ पिंजौर में अस्थायी रूप से,
जन स्वास्थ्य एवं जलापूर्ति कार्यालय ट्यूबवेल के कमरों में संचालित हो रहे हैं।
इसके अलावा पिंजौर में ई-दिशा केंद्र नहीं है, जिससे आधार व अन्य ऑनलाइन सेवाओं के लिए लोगों को कालका जाना पड़ता है।
हाईकोर्ट याचिका के बाद जमीन आवंटन
विजय बंसल ने बताया कि वर्ष 2023 में शिवालिक विकास मंच की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसके बाद सरकार ने पिंजौर–कालका अर्बन कॉम्प्लेक्स के सेक्टर-28 में लगभग 18 एकड़ भूमि ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स और लघु सचिवालय के लिए आवंटित की। ज्यूडिशियल कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास हो चुका है, लेकिन लघु सचिवालय के लिए अब तक अनुमानित राशि मंजूर नहीं की गई है।
सरकार पर भेदभाव का आरोप
विजय बंसल ने सरकार पर कालका विधानसभा के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि नारायणगढ़ और बिलासपुर जैसे क्षेत्रों में लघु सचिवालय बन चुके हैं, लेकिन कालका अब भी वंचित है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “हरियाणा की पहली विधानसभा होने के बावजूद कालका को पिछड़ेपन में सबसे नीचे रखा गया है।”
2005 से जारी है संघर्ष
उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से लघु सचिवालय की मांग उठाई जा रही है। छात्र जीवन में एनएसयूआई के नेतृत्व में भी उन्होंने आंदोलन किया था। जमीन मिलने के बावजूद फंड न मिलने से फाइलें दफ्तरों में धूल फांक रही हैं।
विजय बंसल एडवोकेट ने मुख्यमंत्री से मांग की कि जनता की सुविधा और प्रशासनिक कार्यों की सुचारुता के लिए पिंजौर–कालका अर्बन कॉम्प्लेक्स में लघु सचिवालय भवन का निर्माण तुरंत शुरू किया जाए, ताकि सभी सरकारी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकें।











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