76 लाख में सौंपा गया फेस्टिवल, 6 से 11 लाख रुपये कमाने का अनुमान
चंडीगढ़: इस साल चंडीगढ़ में आयोजित होने वाला रोज़ फेस्टिवल कई मायनों में ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। पहली बार चंडीगढ़ नगर निगम ने पूरे फेस्टिवल का आयोजन एक ही प्राइवेट एजेंसी को सौंप दिया है। एजेंसी ने इसके बदले 76 लाख रुपये नगर निगम को देने का प्रस्ताव रखा है, जिसके एवज में उसे फेस्टिवल के भीतर विज्ञापन और ब्रांडिंग के अधिकार दिए गए हैं।
नगर निगम के अनुसार रोज़ फेस्टिवल पर करीब 65 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि आयोजन के बाद निगम को 6 से 11 लाख रुपये तक की बचत और सीधी कमाई होने की उम्मीद है।
नगर निगम के अनुमान के मुताबिक रोज़ फेस्टिवल पर लगभग 65 लाख रुपये खर्च होंगे, जबकि आयोजन के बाद निगम को 6 से 11 लाख रुपये तक की बचत और कमाई होने की संभावना है।
स्पॉन्सरशिप मॉडल से बदली तस्वीर, खर्च से कमाई की ओर कदम
तीन साल पहले तक रोज़ फेस्टिवल के आयोजन पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होता था। पिछले वर्ष नगर निगम की आर्थिक हालत कमजोर होने के कारण फेस्टिवल को लेकर असमंजस की स्थिति भी बनी थी।
2012 से अब तक नगर निगम अपने बजट से यह आयोजन करता आ रहा था, लेकिन नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने स्पॉन्सरशिप मॉडल अपनाने का सुझाव दिया। इसके तहत अलग-अलग इवेंट्स के लिए स्पॉन्सर खोजे गए, अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं और व्यापारियों से संपर्क किया गया। नतीजतन आयोजन भी हुआ और करीब 11 लाख रुपये की बचत दर्ज की गई। इसी अनुभव के आधार पर इस बार पूरा आयोजन एक ही एजेंसी को सौंपने का फैसला लिया गया।
कार्यक्रमों में नया आकर्षण, लौटेगी पतंगबाजी
इस बार रोज़ फेस्टिवल में कई नए और आकर्षक कार्यक्रम जोड़े गए हैं। दो साल से बंद पड़ी पतंगबाजी (काइट फ्लाइंग) को दोबारा शुरू किया गया है। पहली बार सिंगिंग और डांसिंग प्रतियोगिताएं भी करवाई जाएंगी।
बच्चों के लिए विशेष किड्स ज़ोन बनाया गया है, जहां 20 प्रकार के झूले और गेम्स होंगे। साथ ही लोगों की सुविधा के लिए दो बड़े फूड कोर्ट भी लगाए गए हैं। पिछले साल प्रतियोगिताएं नहीं होने के कारण इस बार खर्च में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है।
विंटेज कार शो और क्यूट बेबी प्रतियोगिता बनेगी आकर्षण का केंद्र
रोज़ फेस्टिवल में इस बार 20 विंटेज कारों की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसके लिए चंडीगढ़ विंटेज कार एसोसिएशन ने नगर निगम से अलग स्थान की मांग की है।
इसके अलावा ‘शहर का सबसे क्यूट बेबी’ प्रतियोगिता भी करवाई जाएगी, जिसमें छोटी उम्र के बच्चों का चयन सबसे सुंदर और प्यारे बच्चे की कैटेगरी में किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के नतीजे फेस्टिवल के पहले दिन घोषित किए जाएंगे।
तीन दिन तीन थीम, संस्कृति और संगीत की धूम
फेस्टिवल के दूसरे दिन अलग-अलग संस्कृतियों पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों के बच्चे भाग लेंगे। वहीं तीसरे दिन लोक संगीत और प्रसिद्ध गायकों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
प्राइवेट एजेंसी को मिली ब्रांडिंग की पूरी छूट
प्राइवेट एजेंसी को मंच से ब्रांड अनाउंसमेंट की अनुमति दी गई है। जाकिर हुसैन रोज़ गार्डन के भीतर पांच हॉट एयर बैलून पर विज्ञापन लगाए गए हैं।
इसके अलावा शहर के 30 राउंडअबाउट पर बैनर लगाए गए हैं, जहां हर राउंडअबाउट पर चार बैनर लगाने की अनुमति दी गई है। फेस्टिवल परिसर में 10 एलईडी स्क्रीन और 14 जोन में करीब 100 डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं।
भविष्य में गुलदाउदी शो और तीज भी इसी मॉडल पर
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अगर यह प्रयोग सफल रहा, तो दिसंबर में होने वाला गुलदाउदी शो और तीज जैसे छोटे आयोजनों को भी इसी मॉडल पर आयोजित किया जाएगा।
अब नगर निगम रोज़ फेस्टिवल को सिर्फ खर्च वाला आयोजन नहीं, बल्कि बेहतर प्रबंधन और आय के स्थायी स्रोत के रूप में देख रहा है।











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