September 14, 2026 8:16 am

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National Council of Educational Research and Training के संयुक्त निदेशक प्रो. अमरेन्द्र पी. बेहेरा ने किया कैथल आरोही स्कूल का निरीक्षण

माइंड मैपिंग तकनीक से विकसित हिंदी भाषा लैब की सराहना, डिजिटल ई-लाइब्रेरी पहल को बताया दूरदर्शी कदम

कैथल/ चंडीगढ़: National Council of Educational Research and Training (एनसीईआरटी), नई दिल्ली के संयुक्त निदेशक प्रोफेसर अमरेन्द्र पी. बेहेरा ने आरोही स्कूल का औपचारिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में स्थापित विभिन्न शैक्षणिक एवं तकनीकी संसाधनों का अवलोकन कर शिक्षण पद्धतियों की समीक्षा की।

अपने दौरे के दौरान प्रो. बेहेरा ने आईटी लैब, पुस्तकालय, डिजिटल ई-लाइब्रेरी तथा अटल लैब का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने हिंदी प्राध्यापक डॉ. विजय चावला द्वारा स्थापित हिंदी भाषा लैब का भी अवलोकन किया। माइंड मैपिंग तकनीक के माध्यम से विकसित इस अभिनव हिंदी लैब की उन्होंने विशेष रूप से प्रशंसा की।

डॉ. विजय चावला द्वारा तैयार किए गए ‘खेल पिटारे’ को भी उन्होंने देखा, जिसका उद्देश्य खेल-खेल में भाषा शिक्षण को बढ़ावा देना है। साथ ही भाषा कक्षा में स्थापित हिंदी पजल कॉर्नर का अवलोकन करते हुए उन्होंने इसे विद्यार्थियों की रचनात्मकता और सहभागिता बढ़ाने वाली सराहनीय पहल बताया।

प्रो. अमरेन्द्र पी. बेहेरा ने शिक्षा में माइंड मैपिंग तकनीक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विधि विद्यार्थियों की रचनात्मकता, विश्लेषणात्मक क्षमता और स्मरण शक्ति को सुदृढ़ बनाती है। उनके अनुसार माइंड मैपिंग जटिल विषय-वस्तु को सरल, रोचक और व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करने में सहायक है, जिससे विद्यार्थी अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं।

उन्होंने कहा कि यह तकनीक विद्यार्थियों को विषयों के बीच आपसी संबंध स्थापित करने, स्वतंत्र चिंतन विकसित करने तथा आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती है। विशेष रूप से भाषा-शिक्षण में माइंड मैपिंग विचारों के संगठन, शब्द भंडार के विस्तार और लेखन कौशल के विकास के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध होती है।

इसके पश्चात उन्होंने भारत सरकार द्वारा विकसित डिजिटल ई-लाइब्रेरी पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक दूरदर्शी कदम बताते हुए कहा कि यह देश के प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक संसाधन पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थी भी उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री का लाभ उठा सकेंगे।

उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों की सराहना करते हुए नई शिक्षा नीति के अनुरूप डिजिटल साक्षरता, तकनीकी दक्षता और 21वीं सदी के कौशलों के विकास पर विशेष बल देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. मनीष सिंगला, डॉ. विजय चावला, विनोद कुमार, संदीप कुमार, राज कुमार, प्रतिभा मित्तल सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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