चंडीगढ़, 21 फरवरी 2026। चंडीगढ़ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने बाल यौन शोषण सामग्री (CSEAM) के ऑनलाइन प्रसार के एक गंभीर मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67-बी के तहत एफआईआर नंबर 29, दिनांक 19.02.2026 को थाना साइबर क्राइम, सेक्टर-17, चंडीगढ़ में दर्ज किया गया था।
यह अभियान चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश की साइबर पुलिस प्रमुख गीतांजलि खंडेलवाल (आईपीएस) के नेतृत्व में चलाया गया। जांच प्रक्रिया साइबर अपराध एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के डीएसपी ए. वेंकटेश के मार्गदर्शन और सेक्टर-17 स्थित साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की एसएचओ एराम रिजवी की निगरानी में पूरी की गई।
जांच के दौरान महिला एवं बाल अपराध (OCWC) इकाई ने भी सक्रिय सहयोग दिया, जबकि गृह मंत्रालय के अधीन भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने तकनीकी और फोरेंसिक सहायता प्रदान की।
ऐसे खुला मामला
पुलिस को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से एक प्राथमिकता स्तर “E” की साइबर टिपलाइन रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। यह रिपोर्ट National Center for Missing & Exploited Children (NCMEC) की ओर से भेजी गई थी। रिपोर्ट में एक कथित इंस्टाग्राम अकाउंट द्वारा नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री अपलोड/प्रसारित किए जाने की जानकारी दी गई थी।
सूचना मिलते ही साइबर क्राइम थाना, सेक्टर-17 की टीम ने तकनीकी विश्लेषण शुरू किया। आईपी एड्रेस और डिजिटल लॉग की जांच कर संबंधित इंटरनेट सेवा प्रदाता से कानूनी प्रक्रिया के तहत ग्राहक विवरण हासिल किए गए। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान सुनिश्चित की गई।
आरोपी की पहचान
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जोगिंदर (32 वर्ष), पुत्र शंकर लाल, निवासी मनीमाजरा चौधरी, चंडीगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है तथा उसके कब्जे से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
मामले की आगे की जांच जारी है।
पुलिस की अपील
चंडीगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल माध्यमों पर बच्चों के शोषण से जुड़े अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।
जनता के लिए जरूरी सलाह
नाबालिगों से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री न बनाएं, न अपलोड करें, न साझा करें और न ही संग्रहीत करें।
बच्चों से जुड़ी किसी भी प्रकार की यौन सामग्री का उत्पादन, प्रसारण, ब्राउज़िंग या डाउनलोड करना गंभीर आपराधिक अपराध है।
माता-पिता बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नियमित निगरानी रखें।
निजी या संवेदनशील तस्वीरें/वीडियो साझा करने के जोखिमों के बारे में बच्चों को जागरूक करें।
डिजिटल गतिविधियां ट्रैक की जा सकती हैं—आईपी एड्रेस और डिवाइस विवरण जांच में सामने आ जाते हैं।
संदिग्ध सामग्री मिलने पर उसे साझा न करें, बल्कि तुरंत रिपोर्ट करें।
चंडीगढ़ पुलिस ने दोहराया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।











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