अलॉटियों को राहत देने और नोटिस प्रक्रिया पर रोक की मांग
चंडीगढ़, 23 फरवरी। चंडीगढ़ शहर में इन दिनों Chandigarh Housing Board (सीएचबी) द्वारा फ्लैट अलॉटियों को भेजे जा रहे डिमोलिशन नोटिसों को लेकर बढ़ते असंतोष के बीच सोमवार को एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने बोर्ड के सीईओ Pradeep Kumar से मुलाकात कर अलॉटियों को राहत देने की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल में Jatinder Pal Malhotra (चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष), Gurpreet Singh Gabi (कांग्रेस पार्षद), Vijay Pal Singh (आम आदमी पार्टी प्रदेश अध्यक्ष), आप पार्षद Hardeep Singh Buterla सहित शाहदाब राठी, परीक्षित राणा और मनमोहन आशु समेत अन्य नेता शामिल रहे।
“नोटिसों से अलॉटियों में भय और असमंजस”
नेताओं ने कहा कि सीएचबी की ओर से भेजे जा रहे नोटिसों के कारण हजारों अलॉटियों में असमंजस और भय का माहौल बन गया है। प्रतिनिधिमंडल ने बोर्ड से अपील की कि जब तक फ्लैटों में जरूरत के अनुसार किए गए बदलावों और अतिरिक्त निर्माण को लेकर कोई स्पष्ट और राहतकारी नीति नहीं बनाई जाती, तब तक नोटिस भेजने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने कहा कि सीएचबी अलॉटियों को राहत देने के लिए एक पॉलिसी पर विचार कर रहा है। उन्होंने आग्रह किया कि नीति बनने तक बोर्ड को नरम रुख अपनाना चाहिए और लोगों को अनावश्यक दबाव में नहीं डालना चाहिए।
वन टाइम सेटलमेंट की मांग
कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने कहा कि शहर में लंबे समय से लोग फ्लैटों में अपनी जरूरतों के अनुसार किए गए परिवर्तनों को नियमित करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) पॉलिसी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि एकमुश्त नीति बनाकर ऐसे निर्माण को नियमित करने पर विचार किया जाए, ताकि समस्या का स्थायी समाधान निकल सके।
गाबी ने बताया कि नोटिसों में अलॉटियों को कथित आपत्तिजनक निर्माण हटाने के लिए आने वाले खर्च की भारी-भरकम राशि जमा करवाने का भी उल्लेख किया गया है। जानकारी के अनुसार लगभग 1300 अलॉटियों को ऐसे नोटिस भेजे जाने हैं, जिनमें से कई को पिछले दिनों नोटिस वितरित किए जा चुके हैं। इससे लोगों में दहशत का माहौल है।
मानवीय आधार पर राहत की अपील
आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष विजय पाल सिंह ने भी मानवीय आधार पर अलॉटियों को राहत देने और नोटिसों पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर इस प्रकार की कार्रवाई से आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
सीईओ का आश्वासन
सीएचबी के सीईओ प्रदीप कुमार ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी और सभी पहलुओं पर विचार कर उचित समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
शहर में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। अब नजर इस बात पर है कि बोर्ड अलॉटियों को राहत देने के लिए किस प्रकार की नीति लाता है और नोटिस प्रक्रिया पर क्या निर्णय लिया जाता है।











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